सागर । नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष एवं समाजवादी नेता डॉ. लक्ष्मीनारायण सिलाकारी की जन्म षताब्दी के अवसर पर श्री सरस्वती पुस्तकालय एवं वाचनालय द्वारा गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेष षासन के पूर्व मंत्री एवं विधायक पं. गोपाल भार्गव थे।

विषिश्ट अतिथि सागर के विधायक षैलेन्द्र जैन थे। अध्यक्षता पूर्व सांसद लक्ष्मीरायण यादव न की इस अवसर पर अपने वक्तव्य में मुख्य अतिथि पं. गोपाल भार्गव ने कहा कि मै तो सिलाकारी जी के वक्तव्य षैली का मुरीद था मै उनकी सभाओ में धूल में पालती मारकर भाशण सुनता था क्या जज्बा था उनके बोलने में वंचित लोगो के प्रति उनमे करूणा का भाव था उनकी सभाओं के समय सिनेमा घर में उपस्थिति कम हो जाती थी। आजकल ऐसे नेताओं का अभाव हो गया है। श्री भार्गव ने कहा कि सिलाकारी जी हमारे षहर की धरोहर थे पीढ़ित मानवता की सेवा के लिए उनके कार्यो के लिए उन्हें सदैव याद रखा जायेगा।
विषिश्ठ अतिथ षैलेन्द्र जैन ने कहा कि सिलाकारी जी की राजनीति के सच्चे साधक थे, मेरे चाचा से एवं दादी से उनके आत्मीय संबध थे। सिलाकारी जी जैसे लोग बिरले होते है
वरिश्ठ अधिवक्ता पं. के.के. सिलाकारी ने अपने बडे़ भाई के जीवन से जुडे़ सस्मरणों को साझा किया।
संस्था के सचिव षुकदेव प्रसाद तिवारी ने कार्यक्रम की षरूआत में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की सरस्वती पुस्तकालय एवं वाचनालय के सामाजिक सरोकार के आयोजनों की जनकारी दी । अध्यक्षता कर रहे लक्ष्मीनारायण यादव ने कहा कि उन्होंने समाजवाद को जिया है, उन्होंने कभी सिद्धांतों से समझोता नहीं किया।
इस अवसर पर वरिश्ठ अधिवक्ता चतुर्भज सिंह राजपूत, पूर्व सांसद नंदलाल चौधरी, वाजिद अली ने भी सिलाकारी जी से जुडे़ सस्मरणों को साझा किया।
इस अवसर पर सिलाकारी जी के पुत्र मधुसूदन सिलाकारी, राहुल सिकाकारीसहित लक्ष्मीनारायण चौरसिया, पुरशोत्तम चौबे, ऋशभ समैया, भोलेष्वर तिवारी, उमाकांत मिश्र, संतोश कुमार श्रीवास्तव, जेपी पाण्डेय, हरी चौबे, संतोश सिलाकारी, आषा सिलाकारी, ज्योति उपाध्याय, अषोक मिजाज, वीरेन्द्र प्रधान, जीएल छत्रसाल, आर एस यादव, जितेन्द्र चावला, राज पुरोहित, महेष कुमार चौबे, राजेन्द्र सिलाकारी, हरीसिंह ठाकुर, इम्त्याज, हुसैन अजीम खान, टीकाराम त्रिपाठी, राधाकृश्ण व्यास, राजेन्द्र दुबे, रमेष दुबे, ज्वालाप्रसाद रिछारिया, दीपेष मिश्रा, निषिकांत सिलाकारी, आषुतोश पाराषर, राजेष षास्त्री, आरके तिवारीसुदेष तिवारी, षैलेन्द्र ठाकुर, पीआर मलैया, लोकनाथ मिश्र, महेष दत्त दुबे, सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

विषिश्ट अतिथि सागर के विधायक षैलेन्द्र जैन थे। अध्यक्षता पूर्व सांसद लक्ष्मीरायण यादव न की इस अवसर पर अपने वक्तव्य में मुख्य अतिथि पं. गोपाल भार्गव ने कहा कि मै तो सिलाकारी जी के वक्तव्य षैली का मुरीद था मै उनकी सभाओ में धूल में पालती मारकर भाशण सुनता था क्या जज्बा था उनके बोलने में वंचित लोगो के प्रति उनमे करूणा का भाव था उनकी सभाओं के समय सिनेमा घर में उपस्थिति कम हो जाती थी। आजकल ऐसे नेताओं का अभाव हो गया है। श्री भार्गव ने कहा कि सिलाकारी जी हमारे षहर की धरोहर थे पीढ़ित मानवता की सेवा के लिए उनके कार्यो के लिए उन्हें सदैव याद रखा जायेगा।
विषिश्ठ अतिथ षैलेन्द्र जैन ने कहा कि सिलाकारी जी की राजनीति के सच्चे साधक थे, मेरे चाचा से एवं दादी से उनके आत्मीय संबध थे। सिलाकारी जी जैसे लोग बिरले होते है
वरिश्ठ अधिवक्ता पं. के.के. सिलाकारी ने अपने बडे़ भाई के जीवन से जुडे़ सस्मरणों को साझा किया।
संस्था के सचिव षुकदेव प्रसाद तिवारी ने कार्यक्रम की षरूआत में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की सरस्वती पुस्तकालय एवं वाचनालय के सामाजिक सरोकार के आयोजनों की जनकारी दी । अध्यक्षता कर रहे लक्ष्मीनारायण यादव ने कहा कि उन्होंने समाजवाद को जिया है, उन्होंने कभी सिद्धांतों से समझोता नहीं किया।
इस अवसर पर वरिश्ठ अधिवक्ता चतुर्भज सिंह राजपूत, पूर्व सांसद नंदलाल चौधरी, वाजिद अली ने भी सिलाकारी जी से जुडे़ सस्मरणों को साझा किया।
इस अवसर पर सिलाकारी जी के पुत्र मधुसूदन सिलाकारी, राहुल सिकाकारीसहित लक्ष्मीनारायण चौरसिया, पुरशोत्तम चौबे, ऋशभ समैया, भोलेष्वर तिवारी, उमाकांत मिश्र, संतोश कुमार श्रीवास्तव, जेपी पाण्डेय, हरी चौबे, संतोश सिलाकारी, आषा सिलाकारी, ज्योति उपाध्याय, अषोक मिजाज, वीरेन्द्र प्रधान, जीएल छत्रसाल, आर एस यादव, जितेन्द्र चावला, राज पुरोहित, महेष कुमार चौबे, राजेन्द्र सिलाकारी, हरीसिंह ठाकुर, इम्त्याज, हुसैन अजीम खान, टीकाराम त्रिपाठी, राधाकृश्ण व्यास, राजेन्द्र दुबे, रमेष दुबे, ज्वालाप्रसाद रिछारिया, दीपेष मिश्रा, निषिकांत सिलाकारी, आषुतोश पाराषर, राजेष षास्त्री, आरके तिवारीसुदेष तिवारी, षैलेन्द्र ठाकुर, पीआर मलैया, लोकनाथ मिश्र, महेष दत्त दुबे, सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
