
पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि धनतेरस के शुभ अवसर पर स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्तियों का कानूनी मालिकाना हक मिलना उनके जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने वाला कदम है। वर्षों से गांवों में अपने मकानों और आबादी की जमीन पर रहने के बावजूद हजारों परिवारों के पास उनके स्वामित्व का कोई कानूनी दस्तावेज नहीं था। अब रजिस्ट्री मिलने से उनकी संपत्ति की वास्तविक पहचान और आर्थिक मूल्यांकन प्राप्त हुआ है। वे अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण ले सकेंगे, बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए आर्थिक संसाधन जुटा सकेंगे,अपनी संपत्ति का क्रय विक्रय, बैंक गारंटी, विधिवत उत्तराधिकार नामांतरण आदि सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। इस संपत्तियों पर ग्रामीणर्यक्रम परिवारों को मिला यह अधिकार में आर्थिक सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की महत्वपूर्ण विरासत है।
श्री सिंह ने कहा कि धनतेरस का दिन धन, आरोग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश और औषधियों के साथ प्रकट हुए थे। इसी शुभ दिन स्वामित्व अधिकार पत्रों का वितरण ग्रामीण परिवारों के लिए सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण उपहार है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने के लिए लगभग चार हजार करोड़ रुपये का व्यय किया है, जबकि हितग्राहियों से रजिस्ट्री लिए एक रुपया भी नहीं लिया गया। इस योजना की विशेषता यह है कि ग्रामीणों को रजिस्ट्री कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और गांव में ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से रजिस्ट्री तैयार हुई।
उन्होंने कहा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में पहले भी ऐसे अनेक परिवार थे, जिनके पास पट्टे तो थे, लेकिन उनका राजस्व अभिलेखों में उचित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। कई मामलों में पुराने दस्तावेज रिकॉर्ड रूम में नहीं मिलते थे, जिससे खसरा और बी-1 में नाम दर्ज नहीं हो पाता था और लोग अपनी जमीन का वैधानिक उपयोग नहीं कर पाते थे। उन्होंने बताया कि पूर्व में अभियान चलाकर लगभग डेढ़ हजार लोगों के पुराने रिकॉर्ड निकलवाए गए और उनके मालिकाना अधिकारों का कंप्यूटरीकरण कराया गया। इसके बावजूद मालथौन ब्लॉक में लगभग डेढ़ से दो हजार लोग ऐसे हैं, जिनके पास पट्टे होने के बाद भी रिकॉर्ड का कंप्यूटरीकरण नहीं हो पाया है। ऐसे लोगों के पुराने दस्तावेज निकलवाकर राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के प्रयास जारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से संपत्ति संबंधी पारिवारिक विवादों में कमी आएगी, बच्चों के नाम संपत्ति का नामांतरण आसान होगा और ग्रामीण परिवार अपनी संपत्ति का उपयोग बैंक ऋण से लेकर स्वरोजगार तक के लिए कर सकेंगे। यह वास्तविक अर्थों में डिजिटल इंडिया और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था का उदाहरण है, जिसमें किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं पड़ी और हितग्राहियों को घर बैठे अधिकार मिला। श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई, मालथौन और बांदरी सहित क्षेत्र के विभिन्न नगरों में विकास के साथ जमीन और मकानों की बाजार कीमतों में भी वृद्धि हुई है। खुरई में 30 बाई 30 फीट के एक प्लॉट का मूल्य लगभग 15 लाख रुपये तक है, जबकि मालथौन में ऐसे प्लॉट का मूल्य करीब पांच लाख रुपये तक पहुंचता है। बांदरी में भी विकास और नगरीय सुविधाओं के विस्तार के कारण संपत्तियों का मूल्य बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जिन गरीब परिवारों के पास पहले अपनी संपत्ति का कोई वैधानिक मूल्य नहीं था, वे अब कानूनी मालिक बनकर अपनी संपत्ति के आधार पर अपने अध्ययन कार्य, आर्थिक गतिविधियां शुरू कर सकते हैं।
श्री सिंह ने कहा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में विकास की गति को निरंतर आगे बढ़ाना और प्रत्येक पात्र गरीब परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनका संकल्प है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत अभी लगभग सात हजार लोगों की रजिस्ट्रियां शेष हैं, जिन्हें भी शीघ्र पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर शेष हितग्राहियों को उनके स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित किए जाएंगे। पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने इस महत्वपूर्ण कार्य में लगे राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के परिश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये सब बधाई के पात्र हैं जो त्यौहार व अवकाश के दिनों में भी दिन रात काम कर लक्ष्य को पूरा कर रहे हैं।कार्यक्रम में हितग्राहियों को स्वामित्व अधिकार पत्र एवं रजिस्ट्रियां वितरित की गईं। पूर्व गृहमंत्री खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने उपस्थित लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया।
खुरई विधानसभा क्षेत्र में द्रुत गति से हो रहा निशुल्क रजिस्ट्री का कार्य
खुरई तहसीलदार रितु राय ने अपने संबोधन में बताया कि खुरई तहसील के 167 गांव इस योजना में शामिल हैं जिनमें 32179 लाभार्थियों के 21150 प्लाट रजिस्ट्री हेतु शामिल हैं। इनमें से अभी तक 6608 रजिस्ट्रियां निष्पादित कर लक्ष्य का 31.21प्रतिशत हासिल किया जा चुका है। पाली में आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम मोना दांगी ने अपने संबोधन में बताया कि मालथौन ब्लाक में निशुल्क रजिस्ट्री योजना के कुल हितग्राही 18002 हैं, अभी तक 4771 प्लाट की निःशुल्क रजिस्ट्री पूर्ण की जा चुकी है। तहसील बांदरी के 6561 हितग्राहियों में से अभी तक 2297 रजिस्ट्री पूर्ण की जा चुकी हैं।
खुरई के आलखेड़ी कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नन्नीबाई अहिरवार, जनपद अध्यक्ष जमना प्रसाद अहिरवार, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राहुल चौधरी, भाजपा जिला मंत्री हरिशंकर कुशवाहा, धनौरा मंडल अध्यक्ष राजपाल राजपूत, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रवींद्र सिंह, माधव सिंह सिलौधा, पार्षद मदन पटेल, खलक सिंह रेगुंवा , युवा मोर्चा अध्यक्ष अंकित सिंह बरोदिया, नंदकिशोर सिंह बिनायठा, माखन पटेल निर्तला महेंद्र कुर्मी सतनांई, ठाकुर दास ग्वारी, देवेंद्र ठाकुर ग्वारी, पुष्पेंद्र ठाकुर सिमरिया, विजय सिंह भीलोन, प्रशांत शर्मा आलखेड़ी, भगवान दास कुशवाहा, कृष्ण गोपाल शर्मा, धर्मेन्द्र घोसी, प्रकाश साहू,केर सिंह , राजा भाई बनखिरिया,बसंत सतसंगी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं लाभार्थी शामिल रहे।
पाली कार्यक्रम में नगरपरिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि विश्वनाथ सिंह, रेखा चढार सरपंच पाली, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल पाराशर, एसडीम मोना दांगी, तहसीलदार कुलदीप सिंह, सीईओ मीना कश्यप, अभय सिंह, पप्पू मुकद्दम, राजाराम, उदयपाल परमार, जनपद उपाध्यक्ष बलबीर सिंह, देशराज लोधी, देवीदयाल कुशवाहा, महेश पाराशर, महादेव लोधी, महेंद्र यादव, लक्ष्मीकांत मुंडोतिया, उमेश राय, बलराम ठाकुर, रेखा यादव उप सरपंच पाली, अजय जैन सचिव, जीवन यादव महामंत्री बूथ, सुनील यादव, राम यादव, राजेंद्र यादव, ठाकुरदास यादव, थान सिंह यादव, रामदास यादव, मदन सेन, प्रीतम सिंह, उदम प्रजापति, मोतीलाल प्रजापति, कोमल अहिरवार, भूरे अहिरवार, जस्से अहिरवार, गोपी अहिरवार, माखन अहिरवार, हरिराम यादव, मनोहर यादव, प्रीतम यादव सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी शामिल रहे।
