सागर। जिला पंचायत की पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती सरोज सिंह ने कहा कि सम्मान वही सार्थक है, जो समाज के काम आए। इसी भावना के साथ पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह द्वारा शुरू किए गए “सम्मान, जो समाज के काम आए” संकल्प के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेवन में 300 छात्र-छात्राओं को बैग, कॉपी, टिफिन, पानी की बोतल सहित उपयोगी सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम के दौरान 20 छात्र-छात्राओं को साइकिलें भी प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों के लिए साइकिल मिलने से आवागमन की सुविधा बढ़ेगी और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने में मदद मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध सामग्री का सदुपयोग करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखने का आह्वान किया।

श्रीमती सरोज सिंह ने कहा कि “सम्मान, जो समाज के काम आए” कार्यक्रम की मूल भावना यह है कि फूल-मालाओं और गुलदस्तों के स्थान पर ऐसी सामग्री भेंट की जाए, जिसका उपयोग जरूरतमंदों और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किया जा सके। इसी उद्देश्य से पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह को विभिन्न अवसरों पर सम्मान स्वरूप प्राप्त होने वाली सामग्री को लोगों के बीच वितरित किया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए प्राप्त कॉपी, पेन, बैग, छाते, टिफिन और पानी की बोतल जैसी सामग्री विद्यालयों में वितरित की जाती है, वहीं बहनों के लिए प्राप्त साड़ियां तथा अन्य उपयोगी सामग्री भी जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही है। इसी प्रकार कूलर सहित अन्य सामग्री का उपयोग अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर कराया जा रहा है, ताकि सम्मान की यह परंपरा केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित न रहकर समाज के लिए उपयोगी साबित हो।
उन्होंने कहा कि आज सेवन गांव में विद्यार्थियों को सामग्री वितरित करने का उद्देश्य यही है कि उन्हें पढ़ाई के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और वे संसाधनों के अभाव में अपनी शिक्षा से पीछे न रहें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि उन्हें प्राप्त बैग, कॉपी, टिफिन, पानी की बोतल और अन्य सामग्री का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन को नई दिशा देने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है और विद्यार्थी यदि अभी से मेहनत, अनुशासन और लगन को अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो भविष्य में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ पढ़ाई करें।
श्रीमती सरोज भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि साइकिल वितरण विद्यार्थियों के लिए केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में सहयोग का माध्यम है। जो छात्र-छात्राएं दूर से विद्यालय आते हैं, उनके लिए आवागमन में लगने वाला समय और परेशानी साइकिल मिलने से कम होगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा विद्यार्थियों के हित में संचालित योजनाओं का उद्देश्य उन्हें शिक्षा से जोड़ना और उनकी राह को आसान बनाना है, इसलिए पात्र विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें अवसर, संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। समाज के सहयोग से जब विद्यार्थियों को जरूरी सामग्री मिलती है तो उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और वे अपने लक्ष्य के प्रति अधिक गंभीरता से आगे बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए अभी से लगातार मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी डॉक्टर, कलेक्टर, इंजीनियर, शिक्षक सहित किसी भी क्षेत्र में जाकर अपनी पहचान बना सकते हैं, लेकिन इसके लिए पढ़ाई के प्रति गंभीरता, समय का सदुपयोग और निरंतर परिश्रम जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अच्छे संस्कारों के साथ शिक्षा प्राप्त करें, अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें तथा अपनी सफलता के माध्यम से अपने गांव, खुरई क्षेत्र और पूरे समाज का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम में सरपंच अर्चना श्रीवास्तव, उपसरपंच मथुरा प्रसाद, सरपंच प्रतिनिधि विनय श्रीवास्तव, बामोरा मंडल अध्यक्ष पंडित अनिल पाराशर, रमेश पटेल जनपद सदस्य, संतोष पटेल जनपद सदस्य, सुरपाल यादव, सचिन साहू, पप्पू यादव, पुष्पेंद्र सिंह राजपूत, सीताराम यादव, लक्ष्मीकांत यादव, रानू यादव, पंडित रवि पाराशर ग्राम पंचायत सचिव, राजपाल राजपूत, राहुल यादव, रतिराम यादव, श्रीकांत यादव उपस्थित रहे।

श्रीमती सरोज सिंह ने कहा कि “सम्मान, जो समाज के काम आए” कार्यक्रम की मूल भावना यह है कि फूल-मालाओं और गुलदस्तों के स्थान पर ऐसी सामग्री भेंट की जाए, जिसका उपयोग जरूरतमंदों और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किया जा सके। इसी उद्देश्य से पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह को विभिन्न अवसरों पर सम्मान स्वरूप प्राप्त होने वाली सामग्री को लोगों के बीच वितरित किया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए प्राप्त कॉपी, पेन, बैग, छाते, टिफिन और पानी की बोतल जैसी सामग्री विद्यालयों में वितरित की जाती है, वहीं बहनों के लिए प्राप्त साड़ियां तथा अन्य उपयोगी सामग्री भी जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही है। इसी प्रकार कूलर सहित अन्य सामग्री का उपयोग अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर कराया जा रहा है, ताकि सम्मान की यह परंपरा केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित न रहकर समाज के लिए उपयोगी साबित हो।
उन्होंने कहा कि आज सेवन गांव में विद्यार्थियों को सामग्री वितरित करने का उद्देश्य यही है कि उन्हें पढ़ाई के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और वे संसाधनों के अभाव में अपनी शिक्षा से पीछे न रहें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि उन्हें प्राप्त बैग, कॉपी, टिफिन, पानी की बोतल और अन्य सामग्री का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन को नई दिशा देने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है और विद्यार्थी यदि अभी से मेहनत, अनुशासन और लगन को अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो भविष्य में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ पढ़ाई करें।
श्रीमती सरोज भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि साइकिल वितरण विद्यार्थियों के लिए केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में सहयोग का माध्यम है। जो छात्र-छात्राएं दूर से विद्यालय आते हैं, उनके लिए आवागमन में लगने वाला समय और परेशानी साइकिल मिलने से कम होगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा विद्यार्थियों के हित में संचालित योजनाओं का उद्देश्य उन्हें शिक्षा से जोड़ना और उनकी राह को आसान बनाना है, इसलिए पात्र विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें अवसर, संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। समाज के सहयोग से जब विद्यार्थियों को जरूरी सामग्री मिलती है तो उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और वे अपने लक्ष्य के प्रति अधिक गंभीरता से आगे बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए अभी से लगातार मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी डॉक्टर, कलेक्टर, इंजीनियर, शिक्षक सहित किसी भी क्षेत्र में जाकर अपनी पहचान बना सकते हैं, लेकिन इसके लिए पढ़ाई के प्रति गंभीरता, समय का सदुपयोग और निरंतर परिश्रम जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अच्छे संस्कारों के साथ शिक्षा प्राप्त करें, अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें तथा अपनी सफलता के माध्यम से अपने गांव, खुरई क्षेत्र और पूरे समाज का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम में सरपंच अर्चना श्रीवास्तव, उपसरपंच मथुरा प्रसाद, सरपंच प्रतिनिधि विनय श्रीवास्तव, बामोरा मंडल अध्यक्ष पंडित अनिल पाराशर, रमेश पटेल जनपद सदस्य, संतोष पटेल जनपद सदस्य, सुरपाल यादव, सचिन साहू, पप्पू यादव, पुष्पेंद्र सिंह राजपूत, सीताराम यादव, लक्ष्मीकांत यादव, रानू यादव, पंडित रवि पाराशर ग्राम पंचायत सचिव, राजपाल राजपूत, राहुल यादव, रतिराम यादव, श्रीकांत यादव उपस्थित रहे।
