सागर। एमआईसी सहित पार्षदों के द्वारा विकास, जनहित के कार्यों को लेकर निगमायुक्त द्वारा किए जा रहे कथित विलंब के चलते अब आयुक्त और महापौर के बीच छिड़ा शीतयुद्ध अब चरम पर आ चुका है। महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने इसे लेकर संभाग कमिश्नर दिलीप कुमार से एमआईसी सदस्यों के साथ मिलकर निगमायुक्त की शिकायत की है ।

महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने संभागायुक्त दिलीप कुमार से भेंट कर निगमायुक्त राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। महापौर ने संभागायुक्त को पत्र सौंपते हुए महापौर परिषद द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण एवं जनहितैषी निर्णयों को लंबित रखने, निर्धारित समय-सीमा में उनका अनुपालन नहीं किए जाने तथा निगम हित एवं जनहित के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने का आरोप लगाते हुए निगमायुक्त के विरुद्ध शासन स्तर पर कार्रवाई की मांग की।
महापौर द्वारा सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि निगमायुक्त राजकुमार खत्री सागर में लगभग ढाई वर्ष से पदस्थ हैं। उनके कार्यकाल के दौरान महापौर परिषद द्वारा जनहित एवं निगम हित में लिए गए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लंबित रखा जा रहा है। बैठकों में लिए गए निर्णयों के संबंध में भी निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रतिवेदन एवं अनुपालन की जानकारी महापौर परिषद को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। महापौर ने कहा कि इससे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, जनहित एवं विकास कार्यों की प्रगति, वित्तीय अनुशासन तथा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
महापौर परिषद द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए लंबित निर्णयों की समीक्षा के लिए 30 सितंबर को बैठक आयोजित की गई थी। महापौर के अनुसार, बैठक में लंबित विषयों पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई, लेकिन कई प्रकरणों में निगमायुक्त द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि महापौर परिषद द्वारा समय-समय पर पारित निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों के बावजूद निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। अनेक महत्वपूर्ण प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने तथा समीक्षा के बाद भी निर्णयों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित नहीं किए जाने पर महापौर एवं महापौर परिषद ने गंभीर असंतोष व्यक्त किया है।
महापौर परिषद के प्रस्ताव में निगमायुक्त की कार्यप्रणाली के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रस्ताव पारित किए जाने का भी पत्र में उल्लेख किया गया है। महापौर श्रीमती तिवारी ने संभागायुक्त से अनुरोध किया है कि जनहित एवं निगम हित से जुड़े कार्यों की गति बनाए रखने तथा महापौर परिषद के निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को दृष्टिगत रखते हुए उनके विरुद्ध शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कराई जाए तथा उनका तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण किए जाने की कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ सुशील तिवारी,एम आई सी सदस्य अनूप उर्मिल, रुपेश यादव, राजकुमार पटेल, धमेंद्र खटीक,पार्षद प्रतिनिधि नरेश यादव, सोमेश जड़िया, शैलेष जैन, प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी उपस्थित थे।

महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने संभागायुक्त दिलीप कुमार से भेंट कर निगमायुक्त राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। महापौर ने संभागायुक्त को पत्र सौंपते हुए महापौर परिषद द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण एवं जनहितैषी निर्णयों को लंबित रखने, निर्धारित समय-सीमा में उनका अनुपालन नहीं किए जाने तथा निगम हित एवं जनहित के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने का आरोप लगाते हुए निगमायुक्त के विरुद्ध शासन स्तर पर कार्रवाई की मांग की।
महापौर द्वारा सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि निगमायुक्त राजकुमार खत्री सागर में लगभग ढाई वर्ष से पदस्थ हैं। उनके कार्यकाल के दौरान महापौर परिषद द्वारा जनहित एवं निगम हित में लिए गए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लंबित रखा जा रहा है। बैठकों में लिए गए निर्णयों के संबंध में भी निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रतिवेदन एवं अनुपालन की जानकारी महापौर परिषद को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। महापौर ने कहा कि इससे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, जनहित एवं विकास कार्यों की प्रगति, वित्तीय अनुशासन तथा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
महापौर परिषद द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए लंबित निर्णयों की समीक्षा के लिए 30 सितंबर को बैठक आयोजित की गई थी। महापौर के अनुसार, बैठक में लंबित विषयों पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई, लेकिन कई प्रकरणों में निगमायुक्त द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि महापौर परिषद द्वारा समय-समय पर पारित निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों के बावजूद निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। अनेक महत्वपूर्ण प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने तथा समीक्षा के बाद भी निर्णयों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित नहीं किए जाने पर महापौर एवं महापौर परिषद ने गंभीर असंतोष व्यक्त किया है।
महापौर परिषद के प्रस्ताव में निगमायुक्त की कार्यप्रणाली के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रस्ताव पारित किए जाने का भी पत्र में उल्लेख किया गया है। महापौर श्रीमती तिवारी ने संभागायुक्त से अनुरोध किया है कि जनहित एवं निगम हित से जुड़े कार्यों की गति बनाए रखने तथा महापौर परिषद के निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को दृष्टिगत रखते हुए उनके विरुद्ध शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कराई जाए तथा उनका तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण किए जाने की कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ सुशील तिवारी,एम आई सी सदस्य अनूप उर्मिल, रुपेश यादव, राजकुमार पटेल, धमेंद्र खटीक,पार्षद प्रतिनिधि नरेश यादव, सोमेश जड़िया, शैलेष जैन, प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी उपस्थित थे।
