सागर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु संचालित LAQSHYA, NQAS एवं कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत संभागीय स्तर का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में जिला सागर, दमोह एवं पन्ना के वे शासकीय स्वास्थ्य संस्थान शामिल रहे, जिनका LAQSHYA अथवा NQAS सर्टिफिकेशन हेतु निरीक्षण आगामी माह में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा अधिकारी एवं नर्सिंग अधिकारी सहित लगभग 60 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं सागर संभाग, डॉ नीना गिडीयन की अध्यक्षता में किया गया। प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 5:30 बजे तक संचालित हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को निरीक्षण के दौरान की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर वर्कशॉप, प्रैक्टिकल सत्र एवं इंटरएक्टिव PPT के माध्यम से विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही LAQSHYA, NQAS एवं कायाकल्प कार्यक्रम के दिशानिर्देशों के प्रभावी अनुपालन हेतु समुचित मार्गदर्शन दिया गया।
उल्लेखनीय है कि देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से LAQSHYA, NQAS एवं कायाकल्प कार्यक्रमों के माध्यम से उन्नयन की प्रक्रिया वर्ष 2016 से प्रभावी रूप से NHM के अंतर्गत संचालित की जा रही है। प्रशिक्षक के रूप में जिला दमोह के NQAS नोडल अधिकारी डॉ अमित प्रकाश जैन, जिला सागर के NQAS नोडल अधिकारी डॉ विपिन खटीक, जिला चिकित्सालय सागर से MH कोऑर्डिनेटर एवं नर्सिंग अधिकारी श्रीमती शर्ली कुरियन तथा संभागीय कार्यालय से उपसंचालक एवं संभागीय NQAS इंचार्ज डॉ सचिन मलैया द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ एस.आर. रोशन एवं उपसंचालक डॉ सुशीला यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने संभागीय अध्यक्ष डॉ नीना गिडीयन को कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया।क्षेत्रीय संचालक ने बताया कि इस प्रशिक्षण से स्वास्थ्य संस्थाओं की मातृत्व ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्ष की क्वालिटी सुधरेगी,जिससे मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। समापन अवसर पर क्षेत्रीय संचालक डॉ नीना गिडीयन द्वारा संवाद करते हुए पूछे । प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए तथा प्रशिक्षण में योगदान देने वाले सभी प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।
प्रशिक्षण में जिला सागर, दमोह एवं पन्ना के वे शासकीय स्वास्थ्य संस्थान शामिल रहे, जिनका LAQSHYA अथवा NQAS सर्टिफिकेशन हेतु निरीक्षण आगामी माह में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा अधिकारी एवं नर्सिंग अधिकारी सहित लगभग 60 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं सागर संभाग, डॉ नीना गिडीयन की अध्यक्षता में किया गया। प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 5:30 बजे तक संचालित हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को निरीक्षण के दौरान की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर वर्कशॉप, प्रैक्टिकल सत्र एवं इंटरएक्टिव PPT के माध्यम से विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही LAQSHYA, NQAS एवं कायाकल्प कार्यक्रम के दिशानिर्देशों के प्रभावी अनुपालन हेतु समुचित मार्गदर्शन दिया गया।
उल्लेखनीय है कि देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से LAQSHYA, NQAS एवं कायाकल्प कार्यक्रमों के माध्यम से उन्नयन की प्रक्रिया वर्ष 2016 से प्रभावी रूप से NHM के अंतर्गत संचालित की जा रही है। प्रशिक्षक के रूप में जिला दमोह के NQAS नोडल अधिकारी डॉ अमित प्रकाश जैन, जिला सागर के NQAS नोडल अधिकारी डॉ विपिन खटीक, जिला चिकित्सालय सागर से MH कोऑर्डिनेटर एवं नर्सिंग अधिकारी श्रीमती शर्ली कुरियन तथा संभागीय कार्यालय से उपसंचालक एवं संभागीय NQAS इंचार्ज डॉ सचिन मलैया द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ एस.आर. रोशन एवं उपसंचालक डॉ सुशीला यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने संभागीय अध्यक्ष डॉ नीना गिडीयन को कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया।क्षेत्रीय संचालक ने बताया कि इस प्रशिक्षण से स्वास्थ्य संस्थाओं की मातृत्व ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्ष की क्वालिटी सुधरेगी,जिससे मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। समापन अवसर पर क्षेत्रीय संचालक डॉ नीना गिडीयन द्वारा संवाद करते हुए पूछे । प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए तथा प्रशिक्षण में योगदान देने वाले सभी प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।
