सागर। निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने डेयरी विस्थापन परियोजना रतौना/हफसिली में भूखंड आवंटित होने के बावजूद अपनी डेयरियों को निर्धारित स्थल पर शिफ्ट नहीं करने वाले 23 डेयरी संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शहर की स्वच्छता प्रभावित करने, जनस्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करने, यातायात व्यवस्था में बाधा डालने और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए संबंधित संचालकों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) तथा नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की सुसंगत धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निगमायुक्त के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र में संचालित डेयरियों की जांच एवं भौतिक सत्यापन के लिए गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तथा पंचनामा तैयार किए। जांच में नगर निगम क्षेत्र में पांच या उससे अधिक पशुओं वाली कुल 76 डेयरियां संचालित होना पाया गया। इनमें से 53 डेयरी संचालकों को अभी तक भूखंड आवंटित नहीं हुए हैं, जबकि 23 डेयरी संचालकों को डेयरी विस्थापन परियोजना रतौना/हफसिली में भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित 23 संचालकों ने अब तक आवंटित भूखंडों पर शेड का निर्माण नहीं किया और न ही अपने पशुओं को निर्धारित स्थल पर स्थानांतरित किया है। इसके कारण शहर के विभिन्न क्षेत्रों में डेयरियों के संचालन से स्वच्छता, जनस्वास्थ्य, यातायात एवं नागरिक सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। निगमायुक्त श्री खत्री ने गठित टीम को निर्देशित किया है कि भूखंड आवंटित होने के बाद भी डेयरी शिफ्ट नहीं करने वाले संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाने, पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने तथा डेयरियों को नगर निगम क्षेत्र से बाहर निर्धारित विस्थापन स्थल पर स्थानांतरित कराने की कार्रवाई प्रारंभ की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की स्वच्छता और नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, जिन 53 डेयरी संचालकों को अभी तक भूखंड आवंटित नहीं हुए हैं, उन्हें राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा शीघ्र ही शिविर आयोजित कर भूखंड आवंटित किए जाएंगे, ताकि वे भी अपनी डेयरियों को निर्धारित विस्थापन स्थल पर संचालित कर सकें।
नगर निगम का उद्देश्य डेयरियों को व्यवस्थित रूप से निर्धारित स्थल पर विस्थापित कर शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। इसके लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया के साथ-साथ आवंटित भूखंडों पर डेयरी संचालन सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

निगमायुक्त के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र में संचालित डेयरियों की जांच एवं भौतिक सत्यापन के लिए गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तथा पंचनामा तैयार किए। जांच में नगर निगम क्षेत्र में पांच या उससे अधिक पशुओं वाली कुल 76 डेयरियां संचालित होना पाया गया। इनमें से 53 डेयरी संचालकों को अभी तक भूखंड आवंटित नहीं हुए हैं, जबकि 23 डेयरी संचालकों को डेयरी विस्थापन परियोजना रतौना/हफसिली में भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित 23 संचालकों ने अब तक आवंटित भूखंडों पर शेड का निर्माण नहीं किया और न ही अपने पशुओं को निर्धारित स्थल पर स्थानांतरित किया है। इसके कारण शहर के विभिन्न क्षेत्रों में डेयरियों के संचालन से स्वच्छता, जनस्वास्थ्य, यातायात एवं नागरिक सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। निगमायुक्त श्री खत्री ने गठित टीम को निर्देशित किया है कि भूखंड आवंटित होने के बाद भी डेयरी शिफ्ट नहीं करने वाले संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाने, पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने तथा डेयरियों को नगर निगम क्षेत्र से बाहर निर्धारित विस्थापन स्थल पर स्थानांतरित कराने की कार्रवाई प्रारंभ की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की स्वच्छता और नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, जिन 53 डेयरी संचालकों को अभी तक भूखंड आवंटित नहीं हुए हैं, उन्हें राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा शीघ्र ही शिविर आयोजित कर भूखंड आवंटित किए जाएंगे, ताकि वे भी अपनी डेयरियों को निर्धारित विस्थापन स्थल पर संचालित कर सकें।
नगर निगम का उद्देश्य डेयरियों को व्यवस्थित रूप से निर्धारित स्थल पर विस्थापित कर शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। इसके लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया के साथ-साथ आवंटित भूखंडों पर डेयरी संचालन सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
