सागर| कचरा संग्रहण के नाम पर नागरिकों से रुपए मांगने का मामला सामने आया है। शिवाजी नगर, तिली, बाघराज, काकागंज, पंतनगर, लक्ष्मीपुरा और केशवगंज वार्डों से इस तरह की शिकायतें नगर निगम तक पहुंची हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

निगम ने साफ किया है कि कचरा संग्रहण व्यवस्था के नाम पर किसी भी नागरिक से राशि लेने के लिए कोई अनधिकृत व्यक्ति अधिकृत नहीं है। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के मुताबिक शहर के अलग-अलग वार्डों में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कचरा गाड़ी के नाम पर नागरिकों से रुपए मांगे जाने की शिकायत मिली है। शिकायतों के बाद निगम ने संबंधित व्यक्ति की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को मामले में पुलिस में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में सबसे अहम बात यह है कि जिस व्यक्ति द्वारा कचरा गाड़ी के नाम पर रुपए मांगे जा रहे हैं, उसका नगर निगम की कचरा संग्रहण व्यवस्था से अधिकृत तौर पर कोई संबंध नहीं है। कचरा गाड़ी प्रबंधक फिरोज खान ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अज्ञात व्यक्ति सागर एमएसडब्ल्यू सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड में किसी भी पद पर कार्यरत नहीं है। ऐसे में कंपनी या कचरा संग्रहण व्यवस्था का नाम लेकर नागरिकों से रुपए मांगने की गतिविधि को अनधिकृत माना जा रहा है। नगर निगम को मिली शिकायतों में एक ही तरह की बात सामने आने के बाद मामला सिर्फ एक व्यक्ति से रुपए मांगने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। सात वार्डों से शिकायतें सामने आने के कारण निगम ने नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निगम का कहना है कि कचरा संग्रहण व्यवस्था के नाम पर यदि कोई व्यक्ति रुपए मांगता है तो उसे राशि देने के बजाय तत्काल नगर निगम को सूचना दी जाए। निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति कचरा गाड़ी, कचरा संग्रहण या कंपनी के नाम पर राशि मांगता है तो उसकी बात पर भरोसा कर भुगतान न करें। ऐसे व्यक्ति की जानकारी और उपलब्ध हो तो उसका नाम, मोबाइल नंबर, वाहन नंबर अथवा अन्य पहचान संबंधी जानकारी निगम तक पहुंचाई जाए, जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
नगर निगम ने इसके लिए 9111016108, 9111016104 और 9111016153 मोबाइल नंबर जारी किए हैं। नागरिक इन नंबरों पर संदिग्ध व्यक्ति द्वारा रुपए मांगने की सूचना दे सकते हैं। निगम का उद्देश्य ऐसी शिकायतों की तत्काल जानकारी जुटाकर नागरिकों को संभावित धोखाधड़ी से बचाना और अनधिकृत वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है। फिलहाल निगम की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि रुपए मांगने वाला व्यक्ति कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी का कर्मचारी नहीं है। ऐसे में नागरिकों के सामने भी यह सवाल है कि वह व्यक्ति किस आधार पर कचरा गाड़ी और कंपनी का नाम इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस में FIR दर्ज होने के बाद इस बात की जांच हो सकेगी कि संबंधित व्यक्ति की पहचान क्या है, वह किन इलाकों में पहुंचा और कितने लोगों से राशि मांगने की कोशिश की। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि कचरा संग्रहण व्यवस्था से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध राशि की मांग को नजरअंदाज न करें। समय पर सूचना मिलने से ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा सकेगी और नागरिकों के साथ होने वाली संभावित धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।

निगम ने साफ किया है कि कचरा संग्रहण व्यवस्था के नाम पर किसी भी नागरिक से राशि लेने के लिए कोई अनधिकृत व्यक्ति अधिकृत नहीं है। नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के मुताबिक शहर के अलग-अलग वार्डों में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कचरा गाड़ी के नाम पर नागरिकों से रुपए मांगे जाने की शिकायत मिली है। शिकायतों के बाद निगम ने संबंधित व्यक्ति की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को मामले में पुलिस में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में सबसे अहम बात यह है कि जिस व्यक्ति द्वारा कचरा गाड़ी के नाम पर रुपए मांगे जा रहे हैं, उसका नगर निगम की कचरा संग्रहण व्यवस्था से अधिकृत तौर पर कोई संबंध नहीं है। कचरा गाड़ी प्रबंधक फिरोज खान ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अज्ञात व्यक्ति सागर एमएसडब्ल्यू सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड में किसी भी पद पर कार्यरत नहीं है। ऐसे में कंपनी या कचरा संग्रहण व्यवस्था का नाम लेकर नागरिकों से रुपए मांगने की गतिविधि को अनधिकृत माना जा रहा है। नगर निगम को मिली शिकायतों में एक ही तरह की बात सामने आने के बाद मामला सिर्फ एक व्यक्ति से रुपए मांगने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। सात वार्डों से शिकायतें सामने आने के कारण निगम ने नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निगम का कहना है कि कचरा संग्रहण व्यवस्था के नाम पर यदि कोई व्यक्ति रुपए मांगता है तो उसे राशि देने के बजाय तत्काल नगर निगम को सूचना दी जाए। निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति कचरा गाड़ी, कचरा संग्रहण या कंपनी के नाम पर राशि मांगता है तो उसकी बात पर भरोसा कर भुगतान न करें। ऐसे व्यक्ति की जानकारी और उपलब्ध हो तो उसका नाम, मोबाइल नंबर, वाहन नंबर अथवा अन्य पहचान संबंधी जानकारी निगम तक पहुंचाई जाए, जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
नगर निगम ने इसके लिए 9111016108, 9111016104 और 9111016153 मोबाइल नंबर जारी किए हैं। नागरिक इन नंबरों पर संदिग्ध व्यक्ति द्वारा रुपए मांगने की सूचना दे सकते हैं। निगम का उद्देश्य ऐसी शिकायतों की तत्काल जानकारी जुटाकर नागरिकों को संभावित धोखाधड़ी से बचाना और अनधिकृत वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है। फिलहाल निगम की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि रुपए मांगने वाला व्यक्ति कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी का कर्मचारी नहीं है। ऐसे में नागरिकों के सामने भी यह सवाल है कि वह व्यक्ति किस आधार पर कचरा गाड़ी और कंपनी का नाम इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस में FIR दर्ज होने के बाद इस बात की जांच हो सकेगी कि संबंधित व्यक्ति की पहचान क्या है, वह किन इलाकों में पहुंचा और कितने लोगों से राशि मांगने की कोशिश की। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि कचरा संग्रहण व्यवस्था से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध राशि की मांग को नजरअंदाज न करें। समय पर सूचना मिलने से ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा सकेगी और नागरिकों के साथ होने वाली संभावित धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।
