सागर। वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), सागर द्वारा भारतीय रेडक्रॉस द्वारा संचालित शासकीय वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बुजुर्गों को बढ़ती उम्र में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं, उनके बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि उम्र बढ़ना बीमारी का पर्याय नहीं है। सही खान-पान, नियमित स्वास्थ्य जांच, शारीरिक सक्रियता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर वरिष्ठ नागरिक लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं।
उन्होंने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों की समस्या, आंखों और सुनने से संबंधित परेशानियां अधिक देखने को मिल सकती हैं। इसलिए इन समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार जरूरी है।
डॉ. साद ने कहा कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह कई बार लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के रहते हैं। इसलिए वरिष्ठ नागरिकों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इन बीमारियों को नियंत्रित रखने से हृदय, मस्तिष्क, आंखों और किडनी से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। उन्होंने बुजुर्गों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित दवाएं लेने और अपनी मर्जी से दवाएं बंद नहीं करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में बुजुर्गों के गिरने से होने वाली चोटों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. साद ने कहा कि वृद्धावस्था में गिरना गंभीर चोट और लंबे समय तक चलने वाली परेशानी का कारण बन सकता है। उन्होंने सलाह दी कि घर और आसपास फर्श सूखा और साफ रखें, रास्ते में सामान न रखें, बाथरूम में फिसलन से बचाव की व्यवस्था करें तथा रात में पर्याप्त रोशनी रखें। जरूरत पड़ने पर चलने के लिए सहायक उपकरण और परिवार के सदस्यों की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। डॉ. साद ने कहा कि संतुलित भोजन, अपनी क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, नियमित स्वास्थ्य जांच और परिवार एवं समाज से जुड़ाव स्वस्थ वृद्धावस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें। कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम के निवासियों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं साझा कीं और चिकित्सकीय मार्गदर्शन प्राप्त किया। बुजुर्गों ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के आयोजन में पिरामल स्वास्थ्य से आयुषी शुक्ला एवं स्थानीय नागरिकों का उल्लेखनीय सहयोग एवं सहभागिता रही।
आईएमए सागर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन पूरे समाज की जिम्मेदारी है। संस्था द्वारा भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच, जागरूकता और जनहित के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि उम्र बढ़ना बीमारी का पर्याय नहीं है। सही खान-पान, नियमित स्वास्थ्य जांच, शारीरिक सक्रियता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर वरिष्ठ नागरिक लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं।
उन्होंने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों की समस्या, आंखों और सुनने से संबंधित परेशानियां अधिक देखने को मिल सकती हैं। इसलिए इन समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार जरूरी है।
डॉ. साद ने कहा कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह कई बार लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के रहते हैं। इसलिए वरिष्ठ नागरिकों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इन बीमारियों को नियंत्रित रखने से हृदय, मस्तिष्क, आंखों और किडनी से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। उन्होंने बुजुर्गों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित दवाएं लेने और अपनी मर्जी से दवाएं बंद नहीं करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में बुजुर्गों के गिरने से होने वाली चोटों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. साद ने कहा कि वृद्धावस्था में गिरना गंभीर चोट और लंबे समय तक चलने वाली परेशानी का कारण बन सकता है। उन्होंने सलाह दी कि घर और आसपास फर्श सूखा और साफ रखें, रास्ते में सामान न रखें, बाथरूम में फिसलन से बचाव की व्यवस्था करें तथा रात में पर्याप्त रोशनी रखें। जरूरत पड़ने पर चलने के लिए सहायक उपकरण और परिवार के सदस्यों की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। डॉ. साद ने कहा कि संतुलित भोजन, अपनी क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, नियमित स्वास्थ्य जांच और परिवार एवं समाज से जुड़ाव स्वस्थ वृद्धावस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें। कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम के निवासियों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं साझा कीं और चिकित्सकीय मार्गदर्शन प्राप्त किया। बुजुर्गों ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के आयोजन में पिरामल स्वास्थ्य से आयुषी शुक्ला एवं स्थानीय नागरिकों का उल्लेखनीय सहयोग एवं सहभागिता रही।
आईएमए सागर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन पूरे समाज की जिम्मेदारी है। संस्था द्वारा भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच, जागरूकता और जनहित के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
