सागर । तुलसी स्मृति न्यास की ओर से ठाकुर विश्वनाथ सिंह बाबू भाई की पुण्य स्मृति में होटल वरदान सागर में भारत में लोकतंत्र का भविष्य विषय पर व्याख्यान का आयोजन हुआ ।
कार्यक्रम के आरंभ में अतिथि पूर्व एडीजीपी श्रीमती अनूराधा शंकर, रघु ठाकुर कार्यक्रम अध्यक्ष ने डॉक्टर सर हरीसिंह गौर एव ठाकुर विश्वनाथ सिंह के चित्र पर माल्यार्पण किया ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती अनुराधा शंकर ने अपने संबोधन में कहा की भारत के लोकतंत्र की विशेषता स्वीकारता है .उन्होंने भारत के लोकतंत्र की व्यापक व्याख्या की और कहा कि भारत के मूल में विविधता हे. जाति है, भाषा है, धर्म है, संस्कृति है, और सबसे महत्वपूर्ण बात जो भारत के लोकतंत्र को महान बनाती है वह है प्रश्न करना है.
उन्होंने कहा कि आजाद भारत के बाद लोकतंत्र को बचाने हमारे महापुरुषों महात्मा गांधी डॉक्टर लोहिया, जय प्रकाश नारायण सहित कई लोगों ने अनेक प्रयोग किए हैं ।

उन्होंने गांधी जी को आज़ादी का पर्याय बताया और कहा की डॉक्टर लोहिया ने गांधी वाद का विकास किया. उन्होंने कहा की भारत में लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए युवाओं को भारत के इतिहास और महान सभ्यता को पढ़ना चाहिए. भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है और बुजुर्गों के अनुभवॉ में निहित है .
तुलसी स्मृति न्यास की ओर से समाज सेवा के लिए किये कार्यों मे डॉक्टर गोस्वामी की स्मृति में श्रीमती रीमा गोस्वामी को और बुंदेलखंड के इतिहास को संरक्षित करने के लिए श्रीमती सफीया खlन को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया ।
अध्यक्षीय संबोधन में रघु ठाकुर ने भारत के लोकतंत्र के भविष्य के बlरे में कहा की यदि उद्धरणों और परिभाषाओं को देखें तो यह वर्त्तमान लोकतंत्र का स्वरूप लगता है .
भारत में आज ससदीय लोकतंत्र है .पर
वर्तमान में तो जो संविधान में अधिकार दिए गए है वह अधिकार भी सुरक्षित नहीं है.
उन्होंने वर्तमान लोकतंत्र पर चिंता व्यक्त करते हुऎ कहा की आज देश में लोकतांत्रिक मानस का संकट है. संविधान तो है लेकिन लोकतंत्र व्यवहार में नहीं है. आज लोकतंत्र की व्यवस्था में भारी विकृति आ गई है जो भारत के एकता के स्वरूप को खोखला कर रही है. आज भारत में निजी पहचान बनाने की होड लगी जिसे ख़तम कर भारत की पहचान बनाना होगी । आज के लोकतंत्र में सवाल पुछना विरोध करना हो गया है. उन्होंने बिहार के उदाहरण के माध्यम से बताया की वहां के लोकगीतों में तो भगवान राम से भी सवाल पूछे हैं लेकिन नए लोकतंत्र में राम के मानने वालों से सवाल नहीं पूछ सकते. उन्होंने कहा की आज के लोकतंत्र में भारी विषमता है वोट देने की तो समानता है लेकिन चुनाव लड़ने की समानता नहीं है .एक व्यक्ति चुनाव में 100 करोड़ भी खर्च कर सकता है और एक व्यक्ति के पास खर्च करने के लिए ₹10000 भी नहीं है यही भारी असमानता है.
उन्होंने मतदाताओं से भी कहा की सरकार की सुविधाओं पर बोट नहीं बेचना है और न ही जाति धर्म के आधार पर .
उन्होंने कहा की आज के लोकतंत्र को बचाने के लिए हम कीमत देने तैयार नहीं है .भारत के लोकतंत्र को बाहरी ताकतें नहीं बल्कि हिंदूस्तान के लोग बचाएंगे .लोकतंत्र का मतलब समानता है समता है. उन्होंने कहा कि गांधी के रास्ते ही लोकतंत्र को बचाया जा सकता है
कार्यक्रम का संचालन डा बद्री प्रसाद ने किया और आभार राम कुमार पचोरी ने व्यक्त किया.
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से लक्ष्मीनारायण यादव पूर्व सांसद सुखदेव प्रसाद तिवारीगजाधर सागर कृष्णवीर सिंह डा जयंत उमाकांत मिश्र हरि शुक्ला आर के तिवारी संतोष पाठक अंविका यादव सुशी शरद सिंह कविता शुक्ला ममता भूरिया विनोद तिवारी श्री राम सेवा समिति दुर्गेश शुक्ला प्रो जे के जेन प्रो मिश्रा कुलदीप भाटिया पेट्रिस फुसकेले जे सी श्रीवास्तव प्रदीप गुप्ता लिन जैन पप्पू तिवारी जयंत तोमर मदन जैन श्री पटेरिया कपिल पचौरी वालकृष्ण अग्रवाल डी पी वैध मोतीराम सचदेव हरिसिंह ठाकुर अंशू यादव राकेश पटैल गोलू खटीक रामलाल चौरसिया मघुसूदन खेमरिया पवन रजक चंपक भाई जैन मम्मा पप्पू गुप्ता सुरेन्द्र सुहाने लक्ष्मण सींग ठाकुर हीरालाल चौधरी टीकाराम दीवान राजेन्द्र ठाकुर एल्डरमैन रजनीश ठाकुर एम डी त्रिपाठी अंकित पांडेय अमोही पांडेय प्रशांत ठाकुर वंटी ठाकुर भोपाल विम्मी ठाकुर पूर्व पार्षद तोताराम यादव सुरेश मिश्रा रणजीत सिंह ठाकुर पुरुषोत्तम सेन राजेश केशरवानी प्रभुदयाल मिश्रा पंकज सिघई सिंटू कटारे पत्रकार सुदेश तिवारी विनोद आर्य सतीष पाठक राहुल सिलाकारी प्रभात जैन लालू घोषी आनंद घोषि माहेश्वरी जी हरिओम नामदेव बृजेंद्र सिंह तिवारी जलंघर अनंदी यादव उपेन्द्र सिंह. चिकी एन्थोनी गोलू पचौरी प्रभात कटारे प्रो शशि सिंह डॉ पंकज सिंह श्री मति कविता शुक्ला आदि उपस्थित थे.
कार्यक्रम के आरंभ में अतिथि पूर्व एडीजीपी श्रीमती अनूराधा शंकर, रघु ठाकुर कार्यक्रम अध्यक्ष ने डॉक्टर सर हरीसिंह गौर एव ठाकुर विश्वनाथ सिंह के चित्र पर माल्यार्पण किया ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती अनुराधा शंकर ने अपने संबोधन में कहा की भारत के लोकतंत्र की विशेषता स्वीकारता है .उन्होंने भारत के लोकतंत्र की व्यापक व्याख्या की और कहा कि भारत के मूल में विविधता हे. जाति है, भाषा है, धर्म है, संस्कृति है, और सबसे महत्वपूर्ण बात जो भारत के लोकतंत्र को महान बनाती है वह है प्रश्न करना है.
उन्होंने कहा कि आजाद भारत के बाद लोकतंत्र को बचाने हमारे महापुरुषों महात्मा गांधी डॉक्टर लोहिया, जय प्रकाश नारायण सहित कई लोगों ने अनेक प्रयोग किए हैं ।

उन्होंने गांधी जी को आज़ादी का पर्याय बताया और कहा की डॉक्टर लोहिया ने गांधी वाद का विकास किया. उन्होंने कहा की भारत में लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए युवाओं को भारत के इतिहास और महान सभ्यता को पढ़ना चाहिए. भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है और बुजुर्गों के अनुभवॉ में निहित है .
तुलसी स्मृति न्यास की ओर से समाज सेवा के लिए किये कार्यों मे डॉक्टर गोस्वामी की स्मृति में श्रीमती रीमा गोस्वामी को और बुंदेलखंड के इतिहास को संरक्षित करने के लिए श्रीमती सफीया खlन को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया ।
अध्यक्षीय संबोधन में रघु ठाकुर ने भारत के लोकतंत्र के भविष्य के बlरे में कहा की यदि उद्धरणों और परिभाषाओं को देखें तो यह वर्त्तमान लोकतंत्र का स्वरूप लगता है .
भारत में आज ससदीय लोकतंत्र है .पर
वर्तमान में तो जो संविधान में अधिकार दिए गए है वह अधिकार भी सुरक्षित नहीं है.
उन्होंने वर्तमान लोकतंत्र पर चिंता व्यक्त करते हुऎ कहा की आज देश में लोकतांत्रिक मानस का संकट है. संविधान तो है लेकिन लोकतंत्र व्यवहार में नहीं है. आज लोकतंत्र की व्यवस्था में भारी विकृति आ गई है जो भारत के एकता के स्वरूप को खोखला कर रही है. आज भारत में निजी पहचान बनाने की होड लगी जिसे ख़तम कर भारत की पहचान बनाना होगी । आज के लोकतंत्र में सवाल पुछना विरोध करना हो गया है. उन्होंने बिहार के उदाहरण के माध्यम से बताया की वहां के लोकगीतों में तो भगवान राम से भी सवाल पूछे हैं लेकिन नए लोकतंत्र में राम के मानने वालों से सवाल नहीं पूछ सकते. उन्होंने कहा की आज के लोकतंत्र में भारी विषमता है वोट देने की तो समानता है लेकिन चुनाव लड़ने की समानता नहीं है .एक व्यक्ति चुनाव में 100 करोड़ भी खर्च कर सकता है और एक व्यक्ति के पास खर्च करने के लिए ₹10000 भी नहीं है यही भारी असमानता है.
उन्होंने मतदाताओं से भी कहा की सरकार की सुविधाओं पर बोट नहीं बेचना है और न ही जाति धर्म के आधार पर .
उन्होंने कहा की आज के लोकतंत्र को बचाने के लिए हम कीमत देने तैयार नहीं है .भारत के लोकतंत्र को बाहरी ताकतें नहीं बल्कि हिंदूस्तान के लोग बचाएंगे .लोकतंत्र का मतलब समानता है समता है. उन्होंने कहा कि गांधी के रास्ते ही लोकतंत्र को बचाया जा सकता है
कार्यक्रम का संचालन डा बद्री प्रसाद ने किया और आभार राम कुमार पचोरी ने व्यक्त किया.
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से लक्ष्मीनारायण यादव पूर्व सांसद सुखदेव प्रसाद तिवारीगजाधर सागर कृष्णवीर सिंह डा जयंत उमाकांत मिश्र हरि शुक्ला आर के तिवारी संतोष पाठक अंविका यादव सुशी शरद सिंह कविता शुक्ला ममता भूरिया विनोद तिवारी श्री राम सेवा समिति दुर्गेश शुक्ला प्रो जे के जेन प्रो मिश्रा कुलदीप भाटिया पेट्रिस फुसकेले जे सी श्रीवास्तव प्रदीप गुप्ता लिन जैन पप्पू तिवारी जयंत तोमर मदन जैन श्री पटेरिया कपिल पचौरी वालकृष्ण अग्रवाल डी पी वैध मोतीराम सचदेव हरिसिंह ठाकुर अंशू यादव राकेश पटैल गोलू खटीक रामलाल चौरसिया मघुसूदन खेमरिया पवन रजक चंपक भाई जैन मम्मा पप्पू गुप्ता सुरेन्द्र सुहाने लक्ष्मण सींग ठाकुर हीरालाल चौधरी टीकाराम दीवान राजेन्द्र ठाकुर एल्डरमैन रजनीश ठाकुर एम डी त्रिपाठी अंकित पांडेय अमोही पांडेय प्रशांत ठाकुर वंटी ठाकुर भोपाल विम्मी ठाकुर पूर्व पार्षद तोताराम यादव सुरेश मिश्रा रणजीत सिंह ठाकुर पुरुषोत्तम सेन राजेश केशरवानी प्रभुदयाल मिश्रा पंकज सिघई सिंटू कटारे पत्रकार सुदेश तिवारी विनोद आर्य सतीष पाठक राहुल सिलाकारी प्रभात जैन लालू घोषी आनंद घोषि माहेश्वरी जी हरिओम नामदेव बृजेंद्र सिंह तिवारी जलंघर अनंदी यादव उपेन्द्र सिंह. चिकी एन्थोनी गोलू पचौरी प्रभात कटारे प्रो शशि सिंह डॉ पंकज सिंह श्री मति कविता शुक्ला आदि उपस्थित थे.
