सागर । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार कॉम्प्रिहेन्सिव प्राइमरी हेल्थ केयर कार्यक्रम के अंतर्गत दमोह, पन्ना एवं सागर जिले के 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का तीन दिवसीय VIA (Visual Inspection with Acetic Acid) प्रशिक्षण 27 से 29 जुलाई तक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सागर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

यह प्रशिक्षण डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा अधीक्षक डॉ. राजेश जैन के सहयोग से प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर पहचान एवं स्क्रीनिंग की क्षमता विकसित करना था, ताकि महिलाओं में इस गंभीर बीमारी का प्रारंभिक अवस्था में निदान एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जागृति नगर, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. रुचि जायसवाल, डॉ. सिफ्ती बंगा, डॉ. रिंशु सुजोरिया , डॉ. रिया एवं डॉ. पूजा सिंह द्वारा प्रतिभागियों को VIA स्क्रीनिंग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में स्क्रीनिंग तकनीक, संक्रमण नियंत्रण, रिपोर्टिंग, केस चयन एवं हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट एवं कौशल मूल्यांकन भी किया गया।
प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण (Observer) डॉ. संदीप गौतम, नोडल ऑफिसर), एन.सी.डी. जिला सागर द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं की नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कर सकेंगे। इससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा सर्वाइकल कैंसर से होने वाली जटिलताओं एवं मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलेगी।
प्रशिक्षण के आयोजन पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश के मिशन संचालक डॉ. प्रभाकर तिवारी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के आयोजन एवं सहयोग हेतु हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग एवं मार्गदर्शन से आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान एवं रोकथाम को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान करने वाले सभी प्रशिक्षकों, अधिकारियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
प्रशिक्षण का समापन सफलतापूर्वक हुआ। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक एवं ज्ञानवर्धक बताया। यह प्रशिक्षण महिला स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

यह प्रशिक्षण डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा अधीक्षक डॉ. राजेश जैन के सहयोग से प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर पहचान एवं स्क्रीनिंग की क्षमता विकसित करना था, ताकि महिलाओं में इस गंभीर बीमारी का प्रारंभिक अवस्था में निदान एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जागृति नगर, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. रुचि जायसवाल, डॉ. सिफ्ती बंगा, डॉ. रिंशु सुजोरिया , डॉ. रिया एवं डॉ. पूजा सिंह द्वारा प्रतिभागियों को VIA स्क्रीनिंग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में स्क्रीनिंग तकनीक, संक्रमण नियंत्रण, रिपोर्टिंग, केस चयन एवं हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट एवं कौशल मूल्यांकन भी किया गया।
प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण (Observer) डॉ. संदीप गौतम, नोडल ऑफिसर), एन.सी.डी. जिला सागर द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं की नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कर सकेंगे। इससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा सर्वाइकल कैंसर से होने वाली जटिलताओं एवं मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलेगी।
प्रशिक्षण के आयोजन पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश के मिशन संचालक डॉ. प्रभाकर तिवारी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के आयोजन एवं सहयोग हेतु हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग एवं मार्गदर्शन से आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान एवं रोकथाम को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान करने वाले सभी प्रशिक्षकों, अधिकारियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
प्रशिक्षण का समापन सफलतापूर्वक हुआ। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक एवं ज्ञानवर्धक बताया। यह प्रशिक्षण महिला स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
