सागर। विधानसभा सत्र में विधायक शैलेंद्र जैन ने संभागीय मुख्यालय सागर में वन्यजीव संरक्षण, उपचार एवं पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चिड़ियाघर अथवा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर की स्थापना का महत्वपूर्ण मुद्दा विधानसभा में उठाया।

विधायक जैन ने अपने प्रश्न के माध्यम से शासन से जानकारी मांगी कि क्या सागर में वन्यजीवों के संरक्षण, उपचार और पर्यावरण शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चिड़ियाघर (Zoo) अथवा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने का कोई प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। उन्होंने प्रस्तावित स्थल, शासन स्तर पर अब तक की गई कार्यवाही तथा इस परियोजना के लिए स्वीकृत राशि और अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी भी मांगी। इसके साथ ही विधायक शैलेंद्र जैन ने शासन से यह भी जानना चाहा कि यदि इस परियोजना के लिए बजट या वित्तीय संसाधनों के अभाव में कार्य लंबित है, तो क्या प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA) के अंतर्गत उपलब्ध निधि से इस महत्वपूर्ण परियोजना को क्रियान्वित करने की कोई योजना विचाराधीन अथवा प्रचलन में है।
विधायक जैन ने कहा कि सागर संभागीय मुख्यालय होने के साथ-साथ प्राकृतिक संपदा और वन्यजीव विविधता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां वन्यजीवों के संरक्षण एवं उपचार के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त रेस्क्यू सेंटर स्थापित होने से घायल एवं संकटग्रस्त वन्यजीवों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। साथ ही, चिड़ियाघर अथवा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर के माध्यम से आम नागरिकों और विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सागर में इस प्रकार की सुविधा विकसित होने से वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी और पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। विधायक जैन ने कहा कि वे सागर के समग्र विकास के साथ-साथ पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों को भी प्राथमिकता के साथ शासन के समक्ष लगातार उठाते रहेंगे।

विधायक जैन ने अपने प्रश्न के माध्यम से शासन से जानकारी मांगी कि क्या सागर में वन्यजीवों के संरक्षण, उपचार और पर्यावरण शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चिड़ियाघर (Zoo) अथवा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने का कोई प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। उन्होंने प्रस्तावित स्थल, शासन स्तर पर अब तक की गई कार्यवाही तथा इस परियोजना के लिए स्वीकृत राशि और अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी भी मांगी। इसके साथ ही विधायक शैलेंद्र जैन ने शासन से यह भी जानना चाहा कि यदि इस परियोजना के लिए बजट या वित्तीय संसाधनों के अभाव में कार्य लंबित है, तो क्या प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA) के अंतर्गत उपलब्ध निधि से इस महत्वपूर्ण परियोजना को क्रियान्वित करने की कोई योजना विचाराधीन अथवा प्रचलन में है।
विधायक जैन ने कहा कि सागर संभागीय मुख्यालय होने के साथ-साथ प्राकृतिक संपदा और वन्यजीव विविधता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां वन्यजीवों के संरक्षण एवं उपचार के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त रेस्क्यू सेंटर स्थापित होने से घायल एवं संकटग्रस्त वन्यजीवों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। साथ ही, चिड़ियाघर अथवा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर के माध्यम से आम नागरिकों और विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सागर में इस प्रकार की सुविधा विकसित होने से वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी और पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। विधायक जैन ने कहा कि वे सागर के समग्र विकास के साथ-साथ पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों को भी प्राथमिकता के साथ शासन के समक्ष लगातार उठाते रहेंगे।
