सागर। खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सागर संभाग के हजारों मरीजों से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में स्वतंत्र ब्लड बैंक की व्यवस्था तथा उसकी क्षमता वृद्धि लंबे समय से लंबित रहने के कारण जरूरतमंद मरीजों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया कि जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में ब्लड बैंक को मेडिकल कॉलेज में हस्तांतरित करने, उसकी क्षमता 1000 यूनिट से बढ़ाकर 2000 यूनिट तथा भविष्य में 5000 यूनिट तक विकसित करने के साथ प्लाज्माफेरेसिस, सिंगल डोनर प्लेटलेट्स और न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग (एनएटी) जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रारंभ करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इन पर अपेक्षित गति से कार्य नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक की क्षमता नहीं बढ़ने से गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में कठिनाई आती है और उन्हें निजी अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ता है।
ध्यानाकर्षण सूचना का उत्तर देते हुए उप मुख्यमंत्री डॉ. राजेन्द्र शुक्ल ने विधानसभा में बताया कि मध्यप्रदेश शासन आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज दोनों ही शासन के अधीन संचालित संस्थान हैं, इसलिए ब्लड बैंक के जिला चिकित्सालय के अधीन संचालित होने से कोई प्रशासनिक कठिनाई नहीं थी। इसके बावजूद दोनों संस्थानों के विलय की स्वीकृति के बाद ब्लड बैंक को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में अंतरित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
उप मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर के ब्लड बैंक के आधुनिकीकरण के लिए शासन द्वारा 2 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करा दी गई है। इस राशि से ब्लड बैंक की स्टोरेज क्षमता में वृद्धि की जाएगी तथा सिंगल डोनर प्लेटलेट्स सहित आधुनिक रक्त सेवाओं के लिए आवश्यक उपकरण खरीदे जाएंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की ड्यूटी तीन शिफ्टों में रोस्टर के अनुसार लगाई गई है तथा वर्तमान में मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय का स्टाफ संयुक्त रूप से ब्लड बैंक का संचालन कर रहा है। डॉ. राजेन्द्र शुक्ल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कहना सही नहीं है कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक नहीं होने अथवा उसकी क्षमता वृद्धि न होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों से 3 से 5 हजार रुपये खर्च कर रक्त खरीदना पड़ रहा है या रक्त की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक की सेवाएं नियमित रूप से संचालित हैं तथा आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में शासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है।
खुरई विधायक श्री सिंह द्वारा विधानसभा में उठाए गए इस महत्वपूर्ण विषय के बाद ब्लड बैंक के हस्तांतरण, आधुनिकीकरण तथा क्षमता विस्तार की प्रक्रिया को लेकर शासन की स्थिति स्पष्ट हुई है। इससे सागर संभाग के हजारों मरीजों को भविष्य में अधिक आधुनिक, सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण रक्त सेवाएं उपलब्ध कराने का मार्ग और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

उन्होंने सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया कि जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में ब्लड बैंक को मेडिकल कॉलेज में हस्तांतरित करने, उसकी क्षमता 1000 यूनिट से बढ़ाकर 2000 यूनिट तथा भविष्य में 5000 यूनिट तक विकसित करने के साथ प्लाज्माफेरेसिस, सिंगल डोनर प्लेटलेट्स और न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग (एनएटी) जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रारंभ करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इन पर अपेक्षित गति से कार्य नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक की क्षमता नहीं बढ़ने से गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में कठिनाई आती है और उन्हें निजी अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ता है।
ध्यानाकर्षण सूचना का उत्तर देते हुए उप मुख्यमंत्री डॉ. राजेन्द्र शुक्ल ने विधानसभा में बताया कि मध्यप्रदेश शासन आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज दोनों ही शासन के अधीन संचालित संस्थान हैं, इसलिए ब्लड बैंक के जिला चिकित्सालय के अधीन संचालित होने से कोई प्रशासनिक कठिनाई नहीं थी। इसके बावजूद दोनों संस्थानों के विलय की स्वीकृति के बाद ब्लड बैंक को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में अंतरित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
उप मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर के ब्लड बैंक के आधुनिकीकरण के लिए शासन द्वारा 2 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करा दी गई है। इस राशि से ब्लड बैंक की स्टोरेज क्षमता में वृद्धि की जाएगी तथा सिंगल डोनर प्लेटलेट्स सहित आधुनिक रक्त सेवाओं के लिए आवश्यक उपकरण खरीदे जाएंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की ड्यूटी तीन शिफ्टों में रोस्टर के अनुसार लगाई गई है तथा वर्तमान में मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय का स्टाफ संयुक्त रूप से ब्लड बैंक का संचालन कर रहा है। डॉ. राजेन्द्र शुक्ल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कहना सही नहीं है कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक नहीं होने अथवा उसकी क्षमता वृद्धि न होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों से 3 से 5 हजार रुपये खर्च कर रक्त खरीदना पड़ रहा है या रक्त की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक की सेवाएं नियमित रूप से संचालित हैं तथा आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में शासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है।
खुरई विधायक श्री सिंह द्वारा विधानसभा में उठाए गए इस महत्वपूर्ण विषय के बाद ब्लड बैंक के हस्तांतरण, आधुनिकीकरण तथा क्षमता विस्तार की प्रक्रिया को लेकर शासन की स्थिति स्पष्ट हुई है। इससे सागर संभाग के हजारों मरीजों को भविष्य में अधिक आधुनिक, सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण रक्त सेवाएं उपलब्ध कराने का मार्ग और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
