सागर। दीपावली का त्योहार करीब आ गया है। चारों ओर मिठाई,आतिशबाजी,कपड़े और लाइटों के बाजार सजे हुए हैं। परंतु कई परिवारों में जो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उनके यहां दिवाली फीकी ना पड़े इसके लिए रामसरोज समूह के सदस्यो समाजसेवी शैलेश केसरवानी एवं समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने बुधवार को शहर की गरीब बस्तियों में पहुंचकर बच्चों को मिठाई,चिप्स,ड्राई फ्रूट,पटाखे, सहित अन्य सामग्री भेंटकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का कार्य किया।

समाजसेवी शैलेश केशरवानी ने कहा कि दीप से दीप जलाये, मिठाइयां बाटें फटाके चलाइए साथ में कुछ ऐसा करें जिससे एक व्यक्ति की खुशियां दूसरे व्यक्ति तक पहुंचे, एक व्यक्ति की अच्छाइयां दूसरे व्यक्ति तक पहुंचे। साथ ही मैं एक संदेश और देना चाहता हूं। क्या हम उन लोगों के साथ दिवाली बन सकते हैं जो वृद्ध आश्रम में रह रहे हैं उनसे मिलकर मिठाई खिलाकर उनकी खुशियां बांट सकते हैं क्या हम गरीब बस्ती मैं जाकर वहां निवासरत बच्चों और उनके परिवारों को दीपावली की सामग्री प्रदान कर उनकी खुशियों में चार चांद लगा सकते हैं। जिसका छोटा का प्रयास हमारे रामसरोज समूह द्वारा किया गया और उनके चेहरों पर मुस्कान देखकर मन में खुशी होती है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक अभियान प्रारंभ किया गया है लोकल फॉर वोकल हमारे जो शहर के व्यवसाई भाई हैं वह भी चाहते हैं बडे उत्साह से दीपावली मनावें। हमें उनकी चिंता करते हुए वोकल को लोकल बनाना है। और उनकी दुकानों से सामान खरीदना है। तब हमारी दिवाली कहलाएगी।
समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि आज रामसरोज समूह ने बच्चों के बीच जाकर उनके चेहरों पर मुस्कान देने का प्रयास किया है। जो लोग सक्षम है मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आप तो दीपावली मनाए ही साथ ही ऐसे परिवारों तक दीपावली की खुशियां पहुंचाएं। हो सकता है कुछ बच्चे ऐसे भी हो जिनके माता-पिता उन्हें अल्प आयु में छोड़कर चले गए हो ऐसे बच्चों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें दिलासा देकर कहे कि चलिए इस बार हम आपके साथ दिवाली मनाते हैं। अगर इस तरह से दिवाली मनाई जावे तो कहीं ना कहीं हमारी दिवाली सार्थक होगी। इस अवसर पर सतीश कक्का,अब्बी साहू,शेखर लाहोरिया,ममता रैकवार,अनिता पटेल,अंजना पटेल,नंदनी पटेल,अमृत पटेल,राजा बंसल,गोलू बंसल,अजय मेढेकर,अमृत पटेल,छोटू रैकवार,गोपाल बैन,सौरभ बैन,राजकुमार रैकवार सहित बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।

समाजसेवी शैलेश केशरवानी ने कहा कि दीप से दीप जलाये, मिठाइयां बाटें फटाके चलाइए साथ में कुछ ऐसा करें जिससे एक व्यक्ति की खुशियां दूसरे व्यक्ति तक पहुंचे, एक व्यक्ति की अच्छाइयां दूसरे व्यक्ति तक पहुंचे। साथ ही मैं एक संदेश और देना चाहता हूं। क्या हम उन लोगों के साथ दिवाली बन सकते हैं जो वृद्ध आश्रम में रह रहे हैं उनसे मिलकर मिठाई खिलाकर उनकी खुशियां बांट सकते हैं क्या हम गरीब बस्ती मैं जाकर वहां निवासरत बच्चों और उनके परिवारों को दीपावली की सामग्री प्रदान कर उनकी खुशियों में चार चांद लगा सकते हैं। जिसका छोटा का प्रयास हमारे रामसरोज समूह द्वारा किया गया और उनके चेहरों पर मुस्कान देखकर मन में खुशी होती है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक अभियान प्रारंभ किया गया है लोकल फॉर वोकल हमारे जो शहर के व्यवसाई भाई हैं वह भी चाहते हैं बडे उत्साह से दीपावली मनावें। हमें उनकी चिंता करते हुए वोकल को लोकल बनाना है। और उनकी दुकानों से सामान खरीदना है। तब हमारी दिवाली कहलाएगी।
समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि आज रामसरोज समूह ने बच्चों के बीच जाकर उनके चेहरों पर मुस्कान देने का प्रयास किया है। जो लोग सक्षम है मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आप तो दीपावली मनाए ही साथ ही ऐसे परिवारों तक दीपावली की खुशियां पहुंचाएं। हो सकता है कुछ बच्चे ऐसे भी हो जिनके माता-पिता उन्हें अल्प आयु में छोड़कर चले गए हो ऐसे बच्चों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें दिलासा देकर कहे कि चलिए इस बार हम आपके साथ दिवाली मनाते हैं। अगर इस तरह से दिवाली मनाई जावे तो कहीं ना कहीं हमारी दिवाली सार्थक होगी। इस अवसर पर सतीश कक्का,अब्बी साहू,शेखर लाहोरिया,ममता रैकवार,अनिता पटेल,अंजना पटेल,नंदनी पटेल,अमृत पटेल,राजा बंसल,गोलू बंसल,अजय मेढेकर,अमृत पटेल,छोटू रैकवार,गोपाल बैन,सौरभ बैन,राजकुमार रैकवार सहित बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।
