
निगमायुक्त श्री खत्री ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीम भावना से कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी गंदगी फैलाने वाले व्यक्तियों, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वाले दुकानदारों तथा सार्वजनिक स्थानों को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और आवश्यकतानुसार चालानी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए प्रत्येक वार्ड में प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए तथा घर स्तर पर गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण कराया जाए। जिन क्षेत्रों में नागरिक सहभागिता कम है, वहां जनजागरूकता गतिविधियां बढ़ाई जाएं। निगमायुक्त ने स्वच्छता मित्रों की उपस्थिति, कार्यक्षमता तथा संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने, शहर के प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों एवं वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाने, कचरा संग्रहण बिंदुओं को व्यवस्थित करने तथा सौंदर्यीकरण कार्यों को तेज गति से पूर्ण करने तथा नगर निगम के बकाया संपत्तिकर, जलकर, कचरा प्रबंधन शुल्क, दुकानों का किराया आदि की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निगमायुक्त ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रमुख मापदंडों—नागरिक फीडबैक, सेवा स्तर प्रगति, कचरा प्रबंधन एवं नवाचार गतिविधियों—पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि शहर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को नियमित क्षेत्रीय भ्रमण करने, कमियों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने एवं जनभागीदारी बढ़ाने के लिए वार्ड स्तर पर नागरिकों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने पर जोर दिया।
बैठक में स्वच्छता निरीक्षक आनंद मंगल गुरु, जोन प्रभारी शशांक रावत, देवकुमार चौबे,अनिरुद्ध चाचौंदिया, विकास गुरु, आशुतोष सोलंकी, गंधर्व सिंह, रज्जन करोसिया, कुलदीप बाल्मीकि, सभी वार्डों के इंजीनियर, एमआईएस एक्सपर्ट गौरव सिंह राजपूत ,स्वच्छता, स्वास्थ्य, यांत्रिकी, राजस्व सहित संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
