सागर।समाज सेवा को समर्पित राम सरोज समूह ने सागर केंद्रीय जेल में कैदियों के लिए सकारात्मक विचारधारा की पुस्तके भेंट की। पुस्तकें फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव,रामसरोज समूह के सदस्य समाजसेवी शैलेश केशरवानी,समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने सागर जेल अधीक्षक मानवेंद्र परिहार को भेंट की।

जेल के पुस्तकालय भेंट दी गई इन पुस्तकों में गीता,कहानी, उपन्यास, लेख,जीवनियों के साथ-साथ देश भर में छपने वाली प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के अंक भी शामिल हैं। इनमें भीमराव अंबेडकर की अस्पृश्यता,सामाजिक आर्थिक विचार दर्शन, कृष्ण गोपाल की भारत की संत परंपरा,श्रीमद्भागवत में विज्ञान, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, योगासन और प्राणायाम, मैथिली शरण गुप्त की साकेत जयशंकर प्रसाद की कमायनी,मतिराम की फूल मंजरी,मुंशी प्रेमचंद की गोदान पंच परमेश्वर, राजा हरदौल अन्य कन्हैया, वरदान,कर्मभूमि सहित अन्य लेखकों की एवं सामान्य ज्ञान की पुस्तके शामिल है। फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव ने कहा कि रामसरोज समूह जब कभी सागर शहर में आता हूं तो रामसरोज समूह के समाजसेवा के कार्यों में हिस्सा बनने का अवसर प्राप्त हो जाता है इससे यह साबित होता है कि समूह के सदस्य संजीव केसरवानी, शैलेश केशरवानी एवं अखिलेश मोनी केसरवानी द्वारा समाज सेवा के कार्य लगातार कर रहे हैं पूर्व में जब मैं सागर आया था तो मुझे रामसरोज समूह द्वारा चलाई जा रही तीर्थ दर्शन संकल्प के तहत सागर जिले की जरूरतमंद लोगों को तीर्थ यात्रा पर रवाना करने का अवसर प्राप्त हुआ था। आज एक और पुण्य कार्य करते हुए विद्या महादान के तहत जेल में कैदियों के लिए पुस्तकालय में पुस्तके भेंट करने का अवसर समूह के सदस्यों ने दिया है मैं समूह के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं देता हूं। जेल अधीक्षक मानवेंद्र परिहार ने बताया कि जेल में पुस्तकालय इसलिए खोला जाता है ताकि कैदियों को शिक्षा, मानसिक कल्याण और पुनर्वास के अवसरों के माध्यम से समाज में पुनः एकीकरण के लिए तैयार किया जा सके। जिसके तहत मैंने पुस्तकालय का निरीक्षण किया और पुस्तकालय में जिन-जिन पुस्तकों की कमी थी उसकी सूची तैयार करवाई। रामसरोज समूह ने किताबें भेंट करने की इच्छा वक्त की। आज कैदियों के लिए पुस्तकें भेंट गई समूह के सदस्य समाजसेवी शैलेश केसरवानी एवं समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी किसी न किसी माध्यम से जेल के कैदियों के लिए कार्य करते रहते हैं जिससे वह यहां से निकलकर सुखमय जीवन व्यतीत कर सके। पूर्व में कैदियों द्वारा कुंभ में स्नान करने की इच्छा जताई थी परंतु उनका जाना संभव नहीं था ऐसे में रामसरोज समूह द्वारा टैंकरों द्वारा प्रयागराज का जल मंगवाकर कैदियों को स्नान करवाया था। इसके अलावा भी योगा क्लास,गीता सार भागवत का आयोजन जेल प्रांगण में समूह के सदस्यों के सहयोग से किया जा चुका है। इसके साथ ही समूह के सदस्यों द्वारा जो जरूरतमंद व्यक्ति छोटे-मोटे अपराधों की सजा काट रहे हैं और वह जुर्माना राशि नहीं भर पाए ऐसे लोगों के जुर्माना राशि भी रामसरोज समूह के सदस्य भरते हैं। मैं राम सरोज समूह का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।
समाजसेवी शैलेश केसरवानी ने कहा कि जेल अधीक्षक मानवेंद्र परिहार रामसरोज समूह को समाजसेवा करने का मौका किसी न किसी माध्यम से देते रहते हैं। विद्यादान को महादान भी कहते हैं । इंसान धन जोड़ता है परंतु उसकी चोरी होने का डर है, विद्या एक ऐसा अनमोल धन है जिसे आपसे कोई चुरा नहीं सकता। आप जितना अध्ययन करेंगे वह उतना बढ़ती जावेगी और सबसे बड़ी बात कि यह खासियत है कि आप जितना ज्ञान दूसरों को दोगे उतना ज्ञान आपका भी बढ़ेगा। खास तौर पर आज रामसरोज समूह द्वारा जितनी भी किताबें कैदियों के लिए भेंट की है उनमें ज्ञान और विज्ञान की किताबें हैं साथ ही कई प्रतियोगी परीक्षाओं की भी किताबें हैं। जिससे वह उन किताबों को पढ़कर जब बाहर निकले तो जो ज्ञान उन्होंने अर्जित किया है उसका उपयोग कर एक नए सभ्य जीवन की शुरुआत करें। इस अवसर पर समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि आज के दौर में जो सबसे जरूरी चीज है वह है शिक्षा,आज यहां जो कैदी किसी कारण बस सजा काट रहे हैं परंतु अगर वे चाहते हैं कि उनका आने वाला जीवन अच्छा हो तो उनके लिए हमारे समूह द्वारा किताबें का संग्रह यहां उपलब्ध कराया गया। जिससे वह पढ़कर और ज्ञान अर्जन कर अच्छे कार्यों में आगे बड़े इसके अलावा यहां पर कई ऐसी युवा भी है वह भी किसी कारणवश सजा काट रहे हैं उनके लिए सामान्य ज्ञान इंग्लिश स्पोकन सहित अन्य किताबें भेंट की हैं जिन्हें पढ़कर वे अपना आने वाला जीवन बेहतर बना सकते हैं।
इस अवसर पर दिनेश शास्त्री कथावाचक,सतीष केसरवानी,सहायक जेल अधीक्षक गीता चौहान,जेलर मांगीलाल पटेल,रघुवंशी,हरिकिशन अहिरवार,महेंद्र शर्मा,अवधेश सिंह ठाकुर,अनुराग शर्मा,शिवांश सोनी,संतोष सेन,वृंदावन पाठक, अभिषेक स्थापक,राम सिंह,मक्खन लोधी सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

जेल के पुस्तकालय भेंट दी गई इन पुस्तकों में गीता,कहानी, उपन्यास, लेख,जीवनियों के साथ-साथ देश भर में छपने वाली प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के अंक भी शामिल हैं। इनमें भीमराव अंबेडकर की अस्पृश्यता,सामाजिक आर्थिक विचार दर्शन, कृष्ण गोपाल की भारत की संत परंपरा,श्रीमद्भागवत में विज्ञान, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, योगासन और प्राणायाम, मैथिली शरण गुप्त की साकेत जयशंकर प्रसाद की कमायनी,मतिराम की फूल मंजरी,मुंशी प्रेमचंद की गोदान पंच परमेश्वर, राजा हरदौल अन्य कन्हैया, वरदान,कर्मभूमि सहित अन्य लेखकों की एवं सामान्य ज्ञान की पुस्तके शामिल है। फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव ने कहा कि रामसरोज समूह जब कभी सागर शहर में आता हूं तो रामसरोज समूह के समाजसेवा के कार्यों में हिस्सा बनने का अवसर प्राप्त हो जाता है इससे यह साबित होता है कि समूह के सदस्य संजीव केसरवानी, शैलेश केशरवानी एवं अखिलेश मोनी केसरवानी द्वारा समाज सेवा के कार्य लगातार कर रहे हैं पूर्व में जब मैं सागर आया था तो मुझे रामसरोज समूह द्वारा चलाई जा रही तीर्थ दर्शन संकल्प के तहत सागर जिले की जरूरतमंद लोगों को तीर्थ यात्रा पर रवाना करने का अवसर प्राप्त हुआ था। आज एक और पुण्य कार्य करते हुए विद्या महादान के तहत जेल में कैदियों के लिए पुस्तकालय में पुस्तके भेंट करने का अवसर समूह के सदस्यों ने दिया है मैं समूह के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं देता हूं। जेल अधीक्षक मानवेंद्र परिहार ने बताया कि जेल में पुस्तकालय इसलिए खोला जाता है ताकि कैदियों को शिक्षा, मानसिक कल्याण और पुनर्वास के अवसरों के माध्यम से समाज में पुनः एकीकरण के लिए तैयार किया जा सके। जिसके तहत मैंने पुस्तकालय का निरीक्षण किया और पुस्तकालय में जिन-जिन पुस्तकों की कमी थी उसकी सूची तैयार करवाई। रामसरोज समूह ने किताबें भेंट करने की इच्छा वक्त की। आज कैदियों के लिए पुस्तकें भेंट गई समूह के सदस्य समाजसेवी शैलेश केसरवानी एवं समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी किसी न किसी माध्यम से जेल के कैदियों के लिए कार्य करते रहते हैं जिससे वह यहां से निकलकर सुखमय जीवन व्यतीत कर सके। पूर्व में कैदियों द्वारा कुंभ में स्नान करने की इच्छा जताई थी परंतु उनका जाना संभव नहीं था ऐसे में रामसरोज समूह द्वारा टैंकरों द्वारा प्रयागराज का जल मंगवाकर कैदियों को स्नान करवाया था। इसके अलावा भी योगा क्लास,गीता सार भागवत का आयोजन जेल प्रांगण में समूह के सदस्यों के सहयोग से किया जा चुका है। इसके साथ ही समूह के सदस्यों द्वारा जो जरूरतमंद व्यक्ति छोटे-मोटे अपराधों की सजा काट रहे हैं और वह जुर्माना राशि नहीं भर पाए ऐसे लोगों के जुर्माना राशि भी रामसरोज समूह के सदस्य भरते हैं। मैं राम सरोज समूह का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।
समाजसेवी शैलेश केसरवानी ने कहा कि जेल अधीक्षक मानवेंद्र परिहार रामसरोज समूह को समाजसेवा करने का मौका किसी न किसी माध्यम से देते रहते हैं। विद्यादान को महादान भी कहते हैं । इंसान धन जोड़ता है परंतु उसकी चोरी होने का डर है, विद्या एक ऐसा अनमोल धन है जिसे आपसे कोई चुरा नहीं सकता। आप जितना अध्ययन करेंगे वह उतना बढ़ती जावेगी और सबसे बड़ी बात कि यह खासियत है कि आप जितना ज्ञान दूसरों को दोगे उतना ज्ञान आपका भी बढ़ेगा। खास तौर पर आज रामसरोज समूह द्वारा जितनी भी किताबें कैदियों के लिए भेंट की है उनमें ज्ञान और विज्ञान की किताबें हैं साथ ही कई प्रतियोगी परीक्षाओं की भी किताबें हैं। जिससे वह उन किताबों को पढ़कर जब बाहर निकले तो जो ज्ञान उन्होंने अर्जित किया है उसका उपयोग कर एक नए सभ्य जीवन की शुरुआत करें। इस अवसर पर समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि आज के दौर में जो सबसे जरूरी चीज है वह है शिक्षा,आज यहां जो कैदी किसी कारण बस सजा काट रहे हैं परंतु अगर वे चाहते हैं कि उनका आने वाला जीवन अच्छा हो तो उनके लिए हमारे समूह द्वारा किताबें का संग्रह यहां उपलब्ध कराया गया। जिससे वह पढ़कर और ज्ञान अर्जन कर अच्छे कार्यों में आगे बड़े इसके अलावा यहां पर कई ऐसी युवा भी है वह भी किसी कारणवश सजा काट रहे हैं उनके लिए सामान्य ज्ञान इंग्लिश स्पोकन सहित अन्य किताबें भेंट की हैं जिन्हें पढ़कर वे अपना आने वाला जीवन बेहतर बना सकते हैं।
इस अवसर पर दिनेश शास्त्री कथावाचक,सतीष केसरवानी,सहायक जेल अधीक्षक गीता चौहान,जेलर मांगीलाल पटेल,रघुवंशी,हरिकिशन अहिरवार,महेंद्र शर्मा,अवधेश सिंह ठाकुर,अनुराग शर्मा,शिवांश सोनी,संतोष सेन,वृंदावन पाठक, अभिषेक स्थापक,राम सिंह,मक्खन लोधी सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
