सागर। शहर के दो उच्च शैक्षणिक संस्थानों ने विद्यार्थीयों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यो की परस्पर सहभागिता एवं उपलब्ध संसाधनों के आपसी समनव्य के लिए एम.ओ.यू अनुबंध किया। डॉक्टर हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, सागर के कुलपति प्रो. वाय. एस. ठाकुर एवं रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर के कुलगुरु प्रो. विनोद कुमार मिश्रा ने एम.ओ.यू. अनुबंध पर हस्ताक्षर किये।

यह अनुबंध आगामी तीन वर्षों के लिए किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के विभिन्न क्षेत्रों में संसाधन, शोध, पुस्तकालय, प्रयोगशाला में सहयोग विकसित करना है। इस अनुबंध के अंतर्गत दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त आयोजन कर सकेगे। छात्रों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर सकेगे। संकाय सदस्यों और छात्रों का परस्पर समझ के आधार पर आदान-प्रदान होगा। इसके अंतर्गत इंटर्नशिप कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना संभव होगा। विभिन्न लक्ष्यों के लिए गतिविधियों और पाठयक्रमों को डिजाइन और विकसित करना संभव होगा। प्रयोगशाला उपकरणों की साझेदारी के साथ-साथ प्रकाशनों, पेटेंट आदि में परस्पर सहयोग विकसित करना भी हो सकेगा। इससे दोनों संस्थाओं के मध्य शोध व नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर की कुलसचिव प्रो. शक्ति जैन, सहायक कुलसचिव पंचमलाल सनोडिया आदि उपस्थित रहे। इस समझौता ज्ञापन से केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालय की विद्यार्थियों को लाभ होगा एवं दोनों विश्वविद्यालय परस्पर सहयोग से शिक्षा शोध प्रशासनिक एवं अन्य कार्यों में प्रगति कर सकेंगे।

यह अनुबंध आगामी तीन वर्षों के लिए किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के विभिन्न क्षेत्रों में संसाधन, शोध, पुस्तकालय, प्रयोगशाला में सहयोग विकसित करना है। इस अनुबंध के अंतर्गत दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त आयोजन कर सकेगे। छात्रों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर सकेगे। संकाय सदस्यों और छात्रों का परस्पर समझ के आधार पर आदान-प्रदान होगा। इसके अंतर्गत इंटर्नशिप कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना संभव होगा। विभिन्न लक्ष्यों के लिए गतिविधियों और पाठयक्रमों को डिजाइन और विकसित करना संभव होगा। प्रयोगशाला उपकरणों की साझेदारी के साथ-साथ प्रकाशनों, पेटेंट आदि में परस्पर सहयोग विकसित करना भी हो सकेगा। इससे दोनों संस्थाओं के मध्य शोध व नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर की कुलसचिव प्रो. शक्ति जैन, सहायक कुलसचिव पंचमलाल सनोडिया आदि उपस्थित रहे। इस समझौता ज्ञापन से केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालय की विद्यार्थियों को लाभ होगा एवं दोनों विश्वविद्यालय परस्पर सहयोग से शिक्षा शोध प्रशासनिक एवं अन्य कार्यों में प्रगति कर सकेंगे।
