सागर । पत्रकारिता के क्षेत्र में मेहनत करने वाले पत्रकारों और उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर शाखा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम उठाया। स्वास्थ्य विभाग तथा शासकीय स्वशासी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय (गर्ल्स डिग्री कॉलेज), सागर के संयुक्त सहयोग से गर्ल्स डिग्री कॉलेज परिसर में एक व्यापक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर में कुल 243 लाभार्थियों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें सागर जिले के पत्रकार, उनके परिजन, डिग्री कॉलेज के कर्मचारी तथा गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं शामिल थीं। शिविर का मुख्य फोकस गैर- संक्रामक रोगों (NCDs) जैसे हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े जोखिम कारकों की समय पर पहचान पर रहा।
शिविर में उपलब्ध जांच सेवाओं में रक्तचाप की नियमित मॉनिटरिंग, ब्लड शुगर (फास्टिंग और पोस्टप्रैंडियल) जांच, कोलेस्ट्रॉल और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट, HbA1c (मधुमेह नियंत्रण का दीर्घकालिक मापदंड), विटामिन D3 स्तर की जांच, ईसीजी (हृदय की विद्युतीय गतिविधि जांच)
एक्स-रे (आवश्यकतानुसार), नेत्र परीक्षण (आंखों की रोशनी और अन्य समस्याओं की जांच), मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष परामर्श और मार्गदर्शन आदि दिया गया ।
आईएमए सागर के अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों ने व्यक्तिगत रूप से सभी जांचें कीं और प्रत्येक लाभार्थी को विस्तृत चिकित्सकीय सलाह प्रदान की। शिविर में मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया और लाभार्थियों की संख्या से यह स्पष्ट हुआ कि पत्रकारों की व्यस्त, अनियमित और तनावपूर्ण दिनचर्या के कारण नियमित स्वास्थ्य जांच अक्सर पीछे छूट जाती है, जिससे गंभीर बीमारियां बाद में सामने आती हैं। ऐसे शिविर इन समस्याओं की जड़ तक पहुंचकर रोकथाम का मजबूत माध्यम साबित हुए। आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने बताया के यह शिविर मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समय पर बीमारियों की पहचान और उनके प्रभावी नियंत्रण का एक मजबूत कदम है। हमारा उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग, खासकर उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें जो अपनी व्यस्तता में खुद की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. नीरज बलाही ने अहम भूमिका निभाई। शिविर के दौरान हाल ही में दिवंगत सम्मानित पत्रकार स्व. जितेंद्र श्रीवास को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत ने इस पहल की जमकर सराहना की और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने और बीमारियों को जड़ से रोकने में बहुत कारगर सिद्ध होते हैं।
आईएमए सागर ने भविष्य में भी समाज के विभिन्न वर्गों के लिए ऐसे स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है।
शिविर में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले प्रमुख चिकित्सकों में
डॉ. प्रदीप चौहान, डॉ. ज्योति चौहान, डॉ. जितेंद्र सराफ, डॉ. प्रदीप रोहन, डॉ. संतोष पटेल, डॉ. जितेंद्र दांगी, डॉ. राहुल मुखरैया, डॉ. सादिया अफ़रीन, डॉ. रचना जैन, डॉ. रेशमी सेडान तथा डॉ. सार्थक शामिल रहे
आयोजन न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार था, बल्कि समाज के प्रति चिकित्सक समुदाय की गहरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का भी जीवंत प्रमाण साबित हुआ।

शिविर में कुल 243 लाभार्थियों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें सागर जिले के पत्रकार, उनके परिजन, डिग्री कॉलेज के कर्मचारी तथा गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं शामिल थीं। शिविर का मुख्य फोकस गैर- संक्रामक रोगों (NCDs) जैसे हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े जोखिम कारकों की समय पर पहचान पर रहा।
शिविर में उपलब्ध जांच सेवाओं में रक्तचाप की नियमित मॉनिटरिंग, ब्लड शुगर (फास्टिंग और पोस्टप्रैंडियल) जांच, कोलेस्ट्रॉल और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट, HbA1c (मधुमेह नियंत्रण का दीर्घकालिक मापदंड), विटामिन D3 स्तर की जांच, ईसीजी (हृदय की विद्युतीय गतिविधि जांच)
एक्स-रे (आवश्यकतानुसार), नेत्र परीक्षण (आंखों की रोशनी और अन्य समस्याओं की जांच), मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष परामर्श और मार्गदर्शन आदि दिया गया ।
आईएमए सागर के अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों ने व्यक्तिगत रूप से सभी जांचें कीं और प्रत्येक लाभार्थी को विस्तृत चिकित्सकीय सलाह प्रदान की। शिविर में मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया और लाभार्थियों की संख्या से यह स्पष्ट हुआ कि पत्रकारों की व्यस्त, अनियमित और तनावपूर्ण दिनचर्या के कारण नियमित स्वास्थ्य जांच अक्सर पीछे छूट जाती है, जिससे गंभीर बीमारियां बाद में सामने आती हैं। ऐसे शिविर इन समस्याओं की जड़ तक पहुंचकर रोकथाम का मजबूत माध्यम साबित हुए। आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने बताया के यह शिविर मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समय पर बीमारियों की पहचान और उनके प्रभावी नियंत्रण का एक मजबूत कदम है। हमारा उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग, खासकर उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें जो अपनी व्यस्तता में खुद की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. नीरज बलाही ने अहम भूमिका निभाई। शिविर के दौरान हाल ही में दिवंगत सम्मानित पत्रकार स्व. जितेंद्र श्रीवास को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत ने इस पहल की जमकर सराहना की और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने और बीमारियों को जड़ से रोकने में बहुत कारगर सिद्ध होते हैं।
आईएमए सागर ने भविष्य में भी समाज के विभिन्न वर्गों के लिए ऐसे स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है।
शिविर में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले प्रमुख चिकित्सकों में
डॉ. प्रदीप चौहान, डॉ. ज्योति चौहान, डॉ. जितेंद्र सराफ, डॉ. प्रदीप रोहन, डॉ. संतोष पटेल, डॉ. जितेंद्र दांगी, डॉ. राहुल मुखरैया, डॉ. सादिया अफ़रीन, डॉ. रचना जैन, डॉ. रेशमी सेडान तथा डॉ. सार्थक शामिल रहे
आयोजन न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार था, बल्कि समाज के प्रति चिकित्सक समुदाय की गहरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का भी जीवंत प्रमाण साबित हुआ।
