सागर। होटल राम सरोज पैलेस में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा श्रवण करने पहुंचे पूर्व गृह मंत्री वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह ने कथा वाचक गोस्वामी श्री हित योगेंद्र वल्लभ आचार्य जी का शॉल श्रीफल भेंट कर व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया।

कथा के उपरांत उपस्थित अतिथि पूर्व गृह मंत्री वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह,भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य शैलेश केसरवानी एवं समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी कथा के मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पलता हरिशंकर राय,श्रीमति सपना अमित राय,भगवान श्री कृष्णा और व्यास पीठ की आरती कर पूज्य महाराज जी का अभिनंदन किया। भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को गोस्वामी श्री हित योगेंद्र वल्लभ जी महाराज ने ध्रुव चरित्र,अजामिल व्याख्यान, प्रह्लाद चरित्र आदि प्रसंगों की कथा श्रवण कराई। उन्होंने अजामिल व्याख्यान में नाम की महिमा बताई और कहा भाव से कुभाव से क्रोध में या आलस्य में भी अगर परमात्मा का नाम लिया जाए तो वह दसों दिशाओं में हमारा कल्याण करते हैं। परमात्मा के प्रति अगर भावना हो तो मंदिरों में तुम्हें केवल मूर्तियां दिखाई देंगी और अगर भाव होगा तो उन पत्थरों की मूर्तियों से ही भगवान प्रकट हो जाएंगे। भगवान भाव के वश में हैं और उन्हें मात्र भाव प्रिय है। महाराज श्री ने जड़ भरत चरित्र का वर्णन करते हुए यह बताया कि जो संत संसार का संग करते हैं। उन्हें पतन की ओर जाना पड़ता है, पर जो संसारी लोग संत का संग करते हैं। उनकी स्थिति उच्च हो जाती है, इसलिए संत को संसार के पदार्थों की आसक्ति से दूर रहना चाहिए। संत ने नरक का वर्णन करते हुए कहा कि जो हम पाप करते हैं वही एक प्रकार से नर्क की प्राप्ति कराने वाला होता है। पाप कर्म से बचना व तुच्छ कर्मों से बचना ही सबसे बड़ा पुण्य का काम है।कथा वाचक ने कहा कि हिरणाकश्यप सबको आदेश दे रहा है कि भक्त प्रहलाद को खत्म करो, भस्म करो। लकड़ियों के चारों तरफ जल्लाद खड़े कर दिए गए। इस दौरान जब आग तेज हुई तब भक्त प्रहलाद ने इतना ही कहा अच्छा भगवान, अच्छा मेरे राम तेरी मर्जी और भक्त प्रहलाद बच गए। नरसिंह अवतार में हिरणाकश्यप को मार कर भक्त प्रहलाद को बचाया। भगवान की भक्ति में ही शक्ति है। उन्होंने कहा कि सभी अपने बच्चों को संस्कार अवश्य दें, जिससे वह बुढ़ापे में अपने माता पिता की सेवा कर सके, गो सेवा, साधु की सेवा कर सके। पूर्व गृह मंत्री वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा, वैराग्य, ज्ञान और भगवान से मिलन का मार्ग है, जो व्यक्ति को सांसारिक मोह से दूर कर, भक्ति और आत्मज्ञान की ओर ले जाती है। सागरवासियो को स्वयं जिन पर वृंदावन की राधा वल्लभ की कृपा है ऐसे आचार्य गोस्वामी श्री हित योगेंद्र वल्लभ जी महाराज के श्रीमुख से भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा इसके लिए आयोजनकर्ता और राम सरोज समूह बधाई के पात्र है। और सागर में तो भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा बरसती है। हमारे सागर के बड़े बाजार को तो मिनी वृंदावन कहा ही जाता है। जितने ठाकुर जी वृंदावन में विराजमान है वह हमारे सागर के बड़े बाजार में विभिन्न मंदिरों में भी साक्षात् विराजमान है। ठाकुर जी कृपा जिस पर होती है उसका जीवन संवर जाता है। आप सभी सागर जिलेवासी पूज्य महाराज के श्री मुख से भागवत कथा का श्रवण कर और चिंतन कर अपने जीवन में उतारे। कथा के मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पलता हरिशंकर राय ने कहा कि सागर जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं।और धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य शैलेश केसरवानी ने कहा कि भागवत कथा हमें जीवन के उद्देश्य और दिशा के बारे में सिखाती है, जिससे हम अपने वास्तविक स्वरूप को जान पाते हैं और संसार में मुक्त होकर जीना सीख जाते हैं। इस अवसर पर समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति तृप्त होता है।भागवत कथा का श्रवण करने का मौका उसी को मिलता है, जिस पर भगवान श्री कृष्ण की कृपा होती है। हम सभी भाग्यशाली हैं जिन्हें भागवत कथा का श्रवण करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर श्रीमती कविता श्री पवन शिवहरे,श्रीमती नमिता श्री संदीप गौर,श्रीमती सुमित्रा श्री मोतीलाल चौकसे,श्री राधाबल्लभ रसिक परिवार से श्रीमति प्रियंका प्रतीक अग्रवाल पार्षद सोमेश जड़िया उमेश यादव सुरेंद्र तिवारी राकेश चौबे राजू तिवारी संदीप गंजबासौदा गोपाल तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे

कथा के उपरांत उपस्थित अतिथि पूर्व गृह मंत्री वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह,भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य शैलेश केसरवानी एवं समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी कथा के मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पलता हरिशंकर राय,श्रीमति सपना अमित राय,भगवान श्री कृष्णा और व्यास पीठ की आरती कर पूज्य महाराज जी का अभिनंदन किया। भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को गोस्वामी श्री हित योगेंद्र वल्लभ जी महाराज ने ध्रुव चरित्र,अजामिल व्याख्यान, प्रह्लाद चरित्र आदि प्रसंगों की कथा श्रवण कराई। उन्होंने अजामिल व्याख्यान में नाम की महिमा बताई और कहा भाव से कुभाव से क्रोध में या आलस्य में भी अगर परमात्मा का नाम लिया जाए तो वह दसों दिशाओं में हमारा कल्याण करते हैं। परमात्मा के प्रति अगर भावना हो तो मंदिरों में तुम्हें केवल मूर्तियां दिखाई देंगी और अगर भाव होगा तो उन पत्थरों की मूर्तियों से ही भगवान प्रकट हो जाएंगे। भगवान भाव के वश में हैं और उन्हें मात्र भाव प्रिय है। महाराज श्री ने जड़ भरत चरित्र का वर्णन करते हुए यह बताया कि जो संत संसार का संग करते हैं। उन्हें पतन की ओर जाना पड़ता है, पर जो संसारी लोग संत का संग करते हैं। उनकी स्थिति उच्च हो जाती है, इसलिए संत को संसार के पदार्थों की आसक्ति से दूर रहना चाहिए। संत ने नरक का वर्णन करते हुए कहा कि जो हम पाप करते हैं वही एक प्रकार से नर्क की प्राप्ति कराने वाला होता है। पाप कर्म से बचना व तुच्छ कर्मों से बचना ही सबसे बड़ा पुण्य का काम है।कथा वाचक ने कहा कि हिरणाकश्यप सबको आदेश दे रहा है कि भक्त प्रहलाद को खत्म करो, भस्म करो। लकड़ियों के चारों तरफ जल्लाद खड़े कर दिए गए। इस दौरान जब आग तेज हुई तब भक्त प्रहलाद ने इतना ही कहा अच्छा भगवान, अच्छा मेरे राम तेरी मर्जी और भक्त प्रहलाद बच गए। नरसिंह अवतार में हिरणाकश्यप को मार कर भक्त प्रहलाद को बचाया। भगवान की भक्ति में ही शक्ति है। उन्होंने कहा कि सभी अपने बच्चों को संस्कार अवश्य दें, जिससे वह बुढ़ापे में अपने माता पिता की सेवा कर सके, गो सेवा, साधु की सेवा कर सके। पूर्व गृह मंत्री वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा, वैराग्य, ज्ञान और भगवान से मिलन का मार्ग है, जो व्यक्ति को सांसारिक मोह से दूर कर, भक्ति और आत्मज्ञान की ओर ले जाती है। सागरवासियो को स्वयं जिन पर वृंदावन की राधा वल्लभ की कृपा है ऐसे आचार्य गोस्वामी श्री हित योगेंद्र वल्लभ जी महाराज के श्रीमुख से भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा इसके लिए आयोजनकर्ता और राम सरोज समूह बधाई के पात्र है। और सागर में तो भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा बरसती है। हमारे सागर के बड़े बाजार को तो मिनी वृंदावन कहा ही जाता है। जितने ठाकुर जी वृंदावन में विराजमान है वह हमारे सागर के बड़े बाजार में विभिन्न मंदिरों में भी साक्षात् विराजमान है। ठाकुर जी कृपा जिस पर होती है उसका जीवन संवर जाता है। आप सभी सागर जिलेवासी पूज्य महाराज के श्री मुख से भागवत कथा का श्रवण कर और चिंतन कर अपने जीवन में उतारे। कथा के मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पलता हरिशंकर राय ने कहा कि सागर जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं।और धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य शैलेश केसरवानी ने कहा कि भागवत कथा हमें जीवन के उद्देश्य और दिशा के बारे में सिखाती है, जिससे हम अपने वास्तविक स्वरूप को जान पाते हैं और संसार में मुक्त होकर जीना सीख जाते हैं। इस अवसर पर समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति तृप्त होता है।भागवत कथा का श्रवण करने का मौका उसी को मिलता है, जिस पर भगवान श्री कृष्ण की कृपा होती है। हम सभी भाग्यशाली हैं जिन्हें भागवत कथा का श्रवण करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर श्रीमती कविता श्री पवन शिवहरे,श्रीमती नमिता श्री संदीप गौर,श्रीमती सुमित्रा श्री मोतीलाल चौकसे,श्री राधाबल्लभ रसिक परिवार से श्रीमति प्रियंका प्रतीक अग्रवाल पार्षद सोमेश जड़िया उमेश यादव सुरेंद्र तिवारी राकेश चौबे राजू तिवारी संदीप गंजबासौदा गोपाल तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे
