सागर । सागर शहर की ऐतिहासिक धरोहर लाखा बंजारा झील को सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा कायाकल्प कर नये आकर्षक स्वरूप में लाने के बाद इसका संरक्षण करना आवश्यक था। निगमायुक्त राजकुमार खत्री के मार्गदर्शन में किया गया नवाचार झील किनारे गंगा आरती का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन इस उद्देश्य को पूरा कर रहा है आज बड़ी संख्या में नागरिक दूर दूर से आकर गंगा आरती में श्रद्धा भक्ति के साथ शामिल होकर झील को स्वच्छ रखने हेतु प्रेरित हो रहे हैं। झील किनारे चकराघाट आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन चुका है। सोमवार को भी बड़ी संख्या में नागरिक गंगा आरती में शामिल हुए और धर्म लाभ लेने के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में सागर को अव्वल बनाने का संकल्प लिया।

गंगा आरती में युवा समाजसेवी रिशांक तिवारी ने यजमान बनकर पूजन किया और धर्म लाभ लिया। उन्होंने गंगा आरती के पुजारी पं. श्री शशांक दीक्षित को जन्मदिवस की शुभकामनायें दीं। रिशांक तिवारी ने कहा की ये चकराघाट बहुत ही विशेष स्थान है जहाँ शहर के सभी श्रद्धालु आते हैं विभिन्न देवि देवताओं का पूजनकर आशीर्वाद और कृपा प्राप्त करते हैं। जितने भी भक्त इस गंगा आरती में शामिल हैं गंगा माँ उन सभी की मनोकामना को पूरा करें।
गंगा आरती में उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच स्वच्छोतस्व- स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में सागर को अग्रणी बनाने हेतु नागरिकों को जागरूक किया गया। प्रत्येक सोमवार को झील किनारे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण गंगा आरती में शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हैं। प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है। निगमायुक्त द्वारा प्रारम्भ कराई गई गंगा आरती का नवाचार बड़ी संख्या में नागरिकों को श्रद्धा के साथ स्वच्छता के प्रति जागरूक बना रहा है ।
*गंगा आरती में नागरिक बन सकते हैं मुख्य यजमान*
लाखा बंजारा झील पर आयोजित गंगा आरती में समय-समय पर शहर के सम्माननीय नागरिक मुख्य यजमान बनकर सहभागिता कर रहे हैं। प्रत्येक सोमवार जो भी श्रद्धालु यजमान बनना चाहते हैं, वे आरती से 30 मिनट पूर्व संपर्क कर सकते हैं।

गंगा आरती में युवा समाजसेवी रिशांक तिवारी ने यजमान बनकर पूजन किया और धर्म लाभ लिया। उन्होंने गंगा आरती के पुजारी पं. श्री शशांक दीक्षित को जन्मदिवस की शुभकामनायें दीं। रिशांक तिवारी ने कहा की ये चकराघाट बहुत ही विशेष स्थान है जहाँ शहर के सभी श्रद्धालु आते हैं विभिन्न देवि देवताओं का पूजनकर आशीर्वाद और कृपा प्राप्त करते हैं। जितने भी भक्त इस गंगा आरती में शामिल हैं गंगा माँ उन सभी की मनोकामना को पूरा करें।
गंगा आरती में उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच स्वच्छोतस्व- स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में सागर को अग्रणी बनाने हेतु नागरिकों को जागरूक किया गया। प्रत्येक सोमवार को झील किनारे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण गंगा आरती में शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हैं। प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है। निगमायुक्त द्वारा प्रारम्भ कराई गई गंगा आरती का नवाचार बड़ी संख्या में नागरिकों को श्रद्धा के साथ स्वच्छता के प्रति जागरूक बना रहा है ।
*गंगा आरती में नागरिक बन सकते हैं मुख्य यजमान*
लाखा बंजारा झील पर आयोजित गंगा आरती में समय-समय पर शहर के सम्माननीय नागरिक मुख्य यजमान बनकर सहभागिता कर रहे हैं। प्रत्येक सोमवार जो भी श्रद्धालु यजमान बनना चाहते हैं, वे आरती से 30 मिनट पूर्व संपर्क कर सकते हैं।
