सागर ( राहुल सिलाकारी ) । हफसिली स्थित डेयरी विस्थापन स्थल पर गलत और मिथ्या लोगों को प्लाट आवंतित किये गये । मीड़िया द्वारा लगातार उठाये गये इस मामले को आख़िरकार स्वीकार ही लिया । आज निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री ने डेयरी विस्थापन के तहत शहर में किये निरीक्षण के दौरान बताया कि इसी के चलते पिछले दिनों 180 प्लाट निरस्त कर दिये गये, अब यहां असली पशुपालकों को प्लाट दिये जाएंगे । निरीक्षण के दौरान एक पशुपालक द्वारा अपने पशुओं का गोबर सडक पर डालने को लेकर उस पर जुर्माना कर कुछ पर एफआईआर के निर्देश दिये ।

दरअसल निगमायुक्त श्री खत्री शहर के स्वक्छता सर्वेक्षण के तहत आज सुबह से ही निरीक्षण पर निकले थे । इस दौरान उनका विशेष रूप से ध्यान शहर में चल रही डेयरीयों पर रहा । मालूम हो की शहर की स्वक्छता और यातायात व्यवस्था सुधारने नगर निगम द्वारा हफसिली में डेयरी विस्थापन स्थल निर्मित किया था । उस दौरान शहर में करीब 300 डेयरियाँ चिन्हित की गई थीं । लेकिन हफसिली में जब पशुपालकों को प्लाट दिये गये तो उस पर कई सवाल उठे थे,जिसे आज निगमायुक्त श्री खत्री ने भी स्वीकार किया ।
निगम द्वारा आज जारी प्रेस नोट में ही बताया गया की श्री खत्री ने निरीक्षण के दौरान कहा कि विगत समय में डेयरी परियोजना हफसिली में कार्यवाही कर बहुत से ऐसे लोगों के प्लॉटों का आवंटन निरस्त किया गया है जिन्होंने गलत या मिथ्या तरीके से प्लॉट लिए और प्लॉट का दुरूपयोग किया न शेड बनाये न पशुपालन की कोई गतिविधि प्रारम्भ की। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त श्री खत्री ने कहा कि प्लाटों का आवंटन निरस्त इसलिए किया ताकि आप असली पशु डेरी संचालकों को पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जा सके और यह डेरी प्रोजेक्ट शासन की मंशानुरूप फलफूल सके।
उन्होंने कहा कि सभी डेरी संचालक अपनी डेरियां विस्थापित करें और अन्य परिचित डेरी संचालकों को भी प्रेरित करें। जिनके लिए हफसिली में प्लॉट नहीं मिल पाएं थे वे अब वहां प्लॉट ले सकते हैं।
निगमायुक्त ने पशुपालक डेरीसंचालकों से कहा की शहर के हित में पशुडेरियों को विस्थापित करें। सकारात्मक सहयोग करने पर निगम प्रशासन हर सम्भव मदद आपको देगा। उन्होंने कहा की ऐसे ही पशु पालक संघ और निगम प्रशासन मिलकर उत्साह के साथ डेरी विस्थापन परियोजना को शतप्रतिशत सफल बनाएगा। उन्होंने कहा की एक फॉर्मेट तैयार कर डेरी विस्थापन स्थल पर डेरी संचालकों की वर्तमान मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी तैयार करें। पशुओं के इलाज हेतु बिटनरी विभाग की मदद मुहैया कराने के लिए डेयरी विस्थापन स्थल पर ज्अस्पताल एवं एडमिनिस्ट्रेशन भवन निर्माण किया गया है। यहां बिटनरी डॉक्टर्स की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का प्रयास भी करेंगे।
निरीक्षण में श्री खत्री ने लक्ष्मीपुरा वार्ड में डेयरी संचालित कर बड़ी मात्रा में गोबर सड़क के पास फैलाने वाले डेयरी संचालक देवेंद्र घोषी पर दस हजार का जुर्माना और एफआईआर कराने के निर्देश दिये ।इसके साथ ही शनिचरी, गोपालगंज सहित शहर के विभिन्न वार्डों में पशुपालकों से चर्चा की और शहर को स्वक्छ रखने के लिए पशुओं को हफसिली या शहर से बाहर ले जाने के लिए कहा ।निगमायुक्त श्री खत्री ने कहा शहर से सभी डेयरियाँ जल्द ही बाहर होना चाहिए ।

दरअसल निगमायुक्त श्री खत्री शहर के स्वक्छता सर्वेक्षण के तहत आज सुबह से ही निरीक्षण पर निकले थे । इस दौरान उनका विशेष रूप से ध्यान शहर में चल रही डेयरीयों पर रहा । मालूम हो की शहर की स्वक्छता और यातायात व्यवस्था सुधारने नगर निगम द्वारा हफसिली में डेयरी विस्थापन स्थल निर्मित किया था । उस दौरान शहर में करीब 300 डेयरियाँ चिन्हित की गई थीं । लेकिन हफसिली में जब पशुपालकों को प्लाट दिये गये तो उस पर कई सवाल उठे थे,जिसे आज निगमायुक्त श्री खत्री ने भी स्वीकार किया ।
निगम द्वारा आज जारी प्रेस नोट में ही बताया गया की श्री खत्री ने निरीक्षण के दौरान कहा कि विगत समय में डेयरी परियोजना हफसिली में कार्यवाही कर बहुत से ऐसे लोगों के प्लॉटों का आवंटन निरस्त किया गया है जिन्होंने गलत या मिथ्या तरीके से प्लॉट लिए और प्लॉट का दुरूपयोग किया न शेड बनाये न पशुपालन की कोई गतिविधि प्रारम्भ की। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त श्री खत्री ने कहा कि प्लाटों का आवंटन निरस्त इसलिए किया ताकि आप असली पशु डेरी संचालकों को पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जा सके और यह डेरी प्रोजेक्ट शासन की मंशानुरूप फलफूल सके।
उन्होंने कहा कि सभी डेरी संचालक अपनी डेरियां विस्थापित करें और अन्य परिचित डेरी संचालकों को भी प्रेरित करें। जिनके लिए हफसिली में प्लॉट नहीं मिल पाएं थे वे अब वहां प्लॉट ले सकते हैं।
निगमायुक्त ने पशुपालक डेरीसंचालकों से कहा की शहर के हित में पशुडेरियों को विस्थापित करें। सकारात्मक सहयोग करने पर निगम प्रशासन हर सम्भव मदद आपको देगा। उन्होंने कहा की ऐसे ही पशु पालक संघ और निगम प्रशासन मिलकर उत्साह के साथ डेरी विस्थापन परियोजना को शतप्रतिशत सफल बनाएगा। उन्होंने कहा की एक फॉर्मेट तैयार कर डेरी विस्थापन स्थल पर डेरी संचालकों की वर्तमान मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी तैयार करें। पशुओं के इलाज हेतु बिटनरी विभाग की मदद मुहैया कराने के लिए डेयरी विस्थापन स्थल पर ज्अस्पताल एवं एडमिनिस्ट्रेशन भवन निर्माण किया गया है। यहां बिटनरी डॉक्टर्स की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का प्रयास भी करेंगे।
निरीक्षण में श्री खत्री ने लक्ष्मीपुरा वार्ड में डेयरी संचालित कर बड़ी मात्रा में गोबर सड़क के पास फैलाने वाले डेयरी संचालक देवेंद्र घोषी पर दस हजार का जुर्माना और एफआईआर कराने के निर्देश दिये ।इसके साथ ही शनिचरी, गोपालगंज सहित शहर के विभिन्न वार्डों में पशुपालकों से चर्चा की और शहर को स्वक्छ रखने के लिए पशुओं को हफसिली या शहर से बाहर ले जाने के लिए कहा ।निगमायुक्त श्री खत्री ने कहा शहर से सभी डेयरियाँ जल्द ही बाहर होना चाहिए ।
