सागर । बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का 17 वां स्थापना दिवस मनाया गया। सेंट्रल लाइब्रेरी के लेक्चर हॉल में आयोजित हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से की गई तत्पश्चात नर्सिंग छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि के रूप में डीन डॉक्टर पीएस ठाकुर ने कहा गया कि इस कॉलेज के प्रथम डीन स्वर्गीय डॉ एस सी तिवारी के महत्वपूर्ण योगदान से लेकर डीन एवं अधीक्षक पदों पर रहे प्रत्येक व्यक्ति के हर संभव प्रयासों ने बीएमसी को उच्च पायदान पर पहुंचाया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में बीएमसी के एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं प्रदेश में टॉप 10 में आ रहे हैं साथ ही भोपाल एवं दिल्ली एम्स में भी पीजी के लिए चयनित हो रहे हैं। वर्तमान में बीएमसी में इलाज की बेहतर सुविधाएं आम जनता को मिल रही हैं जिसमें मुख्य रूप से सर्जरी विभाग के तहत ब्रेस्ट ओपीडी, मेडिसिन विभाग के तहत एंडॉक्राइन, ईएनटी विभाग में स्पीच थेरेपी, रेडियोलाजी विभाग में सीटी एवं एमआरआई की सुविधा वर्तमान में उपलब्ध है। निकट भविष्य में 150 बेड का कैंसर हॉस्पिटल प्रारंभ होने जा रहा है जिसकी पहली किश्त, 79 करोड रुपए स्वीकृत हो चुकी है जिससे सागर संभाग की 80 लाख आबादी को शीघ्र कैंसर रोग के इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें विशेष रूप से लीनियंट, रेडियोथैरेपी, पेट स्कैन, न्यूक्लियर मेडिसिन एवं ऑंकोलॉजी की सुविधा महानगरों की तर्ज पर मिलना प्रारंभ हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि, वर्तमान में स्त्री रोग एवं प्रसूति रोग विभाग के अंतर्गत 50 के एवरेज से डिलीवरी हो रही है जिसमें 25 सिजेरियन एवं क्रॉनिकल डिलीवरी भी की जा रही हैं। गायनी विभाग में पीजी की संख्या बढ़ने से शीघ्र ही और बेहतर सुविधाएं जनता को उपलब्ध होगी।
वर्तमान में एमबीबीएस की 250 सीटों के हिसाब से हॉस्टल एवं क्लासरूम तथा 9 मॉड्यूलर ओटी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इस दौरान डॉ अमर गंगवानी ने बीएमसी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नवंबर 2007 में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी थी जो सन 1964 में बने रीवा मेडिकल कॉलेज के 47 वर्ष उपरांत बुंदेलखंड अंचल में पहला एवं प्रदेश का पांचवा मेडिकल कॉलेज बनाया गया। अक्टूबर 2009 में एमसीआई द्वारा एमबीबीएस की 100 सीटों की अनुमति प्रदान की गई जिसके उपरांत 5 नवंबर 2009 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा आधिकारिक उद्घाटन करते हुए इस कॉलेज का नाम बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज कॉलेज रखा। जहां 2009 में एमबीबीएस की 100 सीट हुआ करती थी आज 150 हो गई हैं, इसी तरह 2019 में एमडी/एमएस की तीन सीट के मान्यता के साथ वर्तमान में 2025 में इनकी संख्या 81 हो गई है एवं बीएससी नर्सिंग की 60 सीट जो बढ़कर 100 एवं पैरामेडिकल की 180 सीट वर्तमान में हैं।
स्थापना दिवस के कार्यक्रम में मुख्य रूप से सभी विभागों के विभाग अध्यक्ष, फैकेल्टी, एमबीबीएस एवं पीजी के छात्र-छात्राएं, नर्सिंग की छात्राएं, कार्यालय स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ सहित नर्सिंग स्टाफ भारी संख्या में मौजूद रहे।
अधीक्षक डॉ राजेश जैन ने आभार व्यक्त किया ।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में बीएमसी के एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं प्रदेश में टॉप 10 में आ रहे हैं साथ ही भोपाल एवं दिल्ली एम्स में भी पीजी के लिए चयनित हो रहे हैं। वर्तमान में बीएमसी में इलाज की बेहतर सुविधाएं आम जनता को मिल रही हैं जिसमें मुख्य रूप से सर्जरी विभाग के तहत ब्रेस्ट ओपीडी, मेडिसिन विभाग के तहत एंडॉक्राइन, ईएनटी विभाग में स्पीच थेरेपी, रेडियोलाजी विभाग में सीटी एवं एमआरआई की सुविधा वर्तमान में उपलब्ध है। निकट भविष्य में 150 बेड का कैंसर हॉस्पिटल प्रारंभ होने जा रहा है जिसकी पहली किश्त, 79 करोड रुपए स्वीकृत हो चुकी है जिससे सागर संभाग की 80 लाख आबादी को शीघ्र कैंसर रोग के इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें विशेष रूप से लीनियंट, रेडियोथैरेपी, पेट स्कैन, न्यूक्लियर मेडिसिन एवं ऑंकोलॉजी की सुविधा महानगरों की तर्ज पर मिलना प्रारंभ हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि, वर्तमान में स्त्री रोग एवं प्रसूति रोग विभाग के अंतर्गत 50 के एवरेज से डिलीवरी हो रही है जिसमें 25 सिजेरियन एवं क्रॉनिकल डिलीवरी भी की जा रही हैं। गायनी विभाग में पीजी की संख्या बढ़ने से शीघ्र ही और बेहतर सुविधाएं जनता को उपलब्ध होगी।
वर्तमान में एमबीबीएस की 250 सीटों के हिसाब से हॉस्टल एवं क्लासरूम तथा 9 मॉड्यूलर ओटी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इस दौरान डॉ अमर गंगवानी ने बीएमसी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नवंबर 2007 में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी थी जो सन 1964 में बने रीवा मेडिकल कॉलेज के 47 वर्ष उपरांत बुंदेलखंड अंचल में पहला एवं प्रदेश का पांचवा मेडिकल कॉलेज बनाया गया। अक्टूबर 2009 में एमसीआई द्वारा एमबीबीएस की 100 सीटों की अनुमति प्रदान की गई जिसके उपरांत 5 नवंबर 2009 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा आधिकारिक उद्घाटन करते हुए इस कॉलेज का नाम बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज कॉलेज रखा। जहां 2009 में एमबीबीएस की 100 सीट हुआ करती थी आज 150 हो गई हैं, इसी तरह 2019 में एमडी/एमएस की तीन सीट के मान्यता के साथ वर्तमान में 2025 में इनकी संख्या 81 हो गई है एवं बीएससी नर्सिंग की 60 सीट जो बढ़कर 100 एवं पैरामेडिकल की 180 सीट वर्तमान में हैं।
स्थापना दिवस के कार्यक्रम में मुख्य रूप से सभी विभागों के विभाग अध्यक्ष, फैकेल्टी, एमबीबीएस एवं पीजी के छात्र-छात्राएं, नर्सिंग की छात्राएं, कार्यालय स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ सहित नर्सिंग स्टाफ भारी संख्या में मौजूद रहे।
अधीक्षक डॉ राजेश जैन ने आभार व्यक्त किया ।
