सागर । जिले के प्रवास पर पधारे मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला को भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य शैलेश केसरवानी ने सांसद श्रीमती लता वानखेड़े,विधायक शैलेंद्र जैन,नरयावली विधायक प्रदीप लारिया,भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत की उपस्थिति में शहर में विभिन्न स्थानों पर बंद पड़े संजीवनी क्लिनिको को पुनः प्रारंभ करवाने जो संजीवनी क्लिनिक वर्तमान में चालू हैं उन में स्टाफ नियुक्त करने एवं मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स न्यूरोलॉजिस्ट कार्डियोलॉजिस्ट एवं नेप्रोलॉजिस्ट नियुक्त करने का आग्रह पत्र सौंपा।

जिस पर उपमुख्यमंत्री ने पत्र को संज्ञान में लेते हुए दोनों मांगों पर पूर्ण करने का आश्वासन दिया। भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य शैलेश केसरवानी ने पत्र के माध्यम से कहा कि विगत दिनों भाजपा सरकार द्वारा शहर में विभिन्न स्थानों पर संजीवनी क्लीनिक खोले गए थे। जिससे आम जनता और जरूरतमंद लोगों के लिए काफी सुविधा थी लोग छोटी-मोटी बीमारियों के लिए लोग संजीवनी क्लिनिक पहुंचकर अपना इलाज करवा लेते थे। परंतु विगत कई दिनों से कई जगह के संजीवनी क्लीनिक बंद है। और जिन स्थानों पर क्लीनिक खुले भी हैं उन में स्टाफ मौजूद नहीं है साथ ही आपको एक और विषय से अवगत कराना चाहता हूं कि मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट न्यूरोलॉजिस्ट नेप्रोलॉजिस्ट,एवं कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर ना होने के कारण शहर के जरूरतमंद और गरीब व्यक्तियों के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता है। कई बार आर्थिक कमजोरी के कारण जरूरतमंद व्यक्ति बाहर नहीं जा पाता जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। शैलेश केसरवानी ने बंद पड़े संजीवनी क्लिनिक को पुनः प्रारंभ कराए जाने एवं मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट,नेप्रोलॉजिस्ट एवं न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर की नियुक्त करने का आग्रह किया।

जिस पर उपमुख्यमंत्री ने पत्र को संज्ञान में लेते हुए दोनों मांगों पर पूर्ण करने का आश्वासन दिया। भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य शैलेश केसरवानी ने पत्र के माध्यम से कहा कि विगत दिनों भाजपा सरकार द्वारा शहर में विभिन्न स्थानों पर संजीवनी क्लीनिक खोले गए थे। जिससे आम जनता और जरूरतमंद लोगों के लिए काफी सुविधा थी लोग छोटी-मोटी बीमारियों के लिए लोग संजीवनी क्लिनिक पहुंचकर अपना इलाज करवा लेते थे। परंतु विगत कई दिनों से कई जगह के संजीवनी क्लीनिक बंद है। और जिन स्थानों पर क्लीनिक खुले भी हैं उन में स्टाफ मौजूद नहीं है साथ ही आपको एक और विषय से अवगत कराना चाहता हूं कि मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट न्यूरोलॉजिस्ट नेप्रोलॉजिस्ट,एवं कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर ना होने के कारण शहर के जरूरतमंद और गरीब व्यक्तियों के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता है। कई बार आर्थिक कमजोरी के कारण जरूरतमंद व्यक्ति बाहर नहीं जा पाता जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। शैलेश केसरवानी ने बंद पड़े संजीवनी क्लिनिक को पुनः प्रारंभ कराए जाने एवं मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट,नेप्रोलॉजिस्ट एवं न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर की नियुक्त करने का आग्रह किया।
