सागर। जानकी रमण मंदिर, तीन मड़िया में श्री देवी सिंहवाहिनी समाज कल्याण समिति द्वारा नवरात्रि महोत्सव के पूर्व भाग्योदय प्रसादी कूपन उपहार योजना के शुभारंभ एवं प्रथम कूपन विमोचन समारोह का आयोजन मंदिर प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पं केशव गिरी महाराज, पं ब्रजेश महाराज, विधायक शैलेंद्र जैन एवं प्रदीप लारिया उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम, माता जानकी, भगवान लक्ष्मण जी एवं भगवान श्री गणेश जी के विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात संत-महात्माओं एवं जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से भाग्योदय प्रसादी कूपन उपहार योजना का शुभारंभ एवं प्रथम कूपन का विमोचन किया गया।
श्री देवी सिंहवाहिनी समाज कल्याण समिति द्वारा लगातार 59 वर्षों से नवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। लंबे समय से निरंतर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन करते आना समिति की सेवा, समर्पण और धार्मिक परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं समिति के सदस्यों ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि श्री देवी सिंहवाहिनी समाज कल्याण समिति द्वारा लगातार 59 वर्षों से नवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इतने लंबे समय तक धार्मिक आयोजन की परंपरा को निरंतर बनाए रखना समिति के सदस्यों की श्रद्धा, सेवा और समर्पण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि हमारा धर्म और हमारी सनातन संस्कृति समाज को जोड़ने का कार्य करती है। हमारी संस्कृति में सेवा, संस्कार, सद्भाव और सभी के कल्याण की भावना निहित है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कारों से जोड़ा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी गौरवशाली परंपराओं को समझें और उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करें
नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि नवरात्रि महोत्सव जैसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में श्रद्धा, संस्कार और आपसी भाईचारे की भावना मजबूत होती हैं । पंडित केशव गिरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि हमें जाति और धर्म के भेद से ऊपर उठकर धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। सनातन धर्म हमें मानवता, प्रेम, सेवा और परस्पर भाईचारे का संदेश देता है। धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से समाज में संस्कार, एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है।
पंडित ब्रजेश महाराज ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, भक्ति और साधना का पर्व है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में धार्मिक चेतना जागृत होती है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने समिति द्वारा 59 वर्षों से निरंतर किए जा रहे आयोजन की सराहना करते हुए सभी को नवरात्रि महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पंडित रामचरण शास्त्री, अनिल तिवारी,अनूप उर्मिल, भोला सोनी,पप्पू रावत, विशाल खटीक, नीरज यादव, आदेश दीक्षित, मनीष चौबे,बंटी राठौर, बेनी प्रसाद बेन,राजेश कारीकांत पदाधिकारी, सदस्य, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम, माता जानकी, भगवान लक्ष्मण जी एवं भगवान श्री गणेश जी के विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात संत-महात्माओं एवं जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से भाग्योदय प्रसादी कूपन उपहार योजना का शुभारंभ एवं प्रथम कूपन का विमोचन किया गया।
श्री देवी सिंहवाहिनी समाज कल्याण समिति द्वारा लगातार 59 वर्षों से नवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। लंबे समय से निरंतर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन करते आना समिति की सेवा, समर्पण और धार्मिक परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं समिति के सदस्यों ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि श्री देवी सिंहवाहिनी समाज कल्याण समिति द्वारा लगातार 59 वर्षों से नवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इतने लंबे समय तक धार्मिक आयोजन की परंपरा को निरंतर बनाए रखना समिति के सदस्यों की श्रद्धा, सेवा और समर्पण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि हमारा धर्म और हमारी सनातन संस्कृति समाज को जोड़ने का कार्य करती है। हमारी संस्कृति में सेवा, संस्कार, सद्भाव और सभी के कल्याण की भावना निहित है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कारों से जोड़ा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी गौरवशाली परंपराओं को समझें और उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करें
नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि नवरात्रि महोत्सव जैसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में श्रद्धा, संस्कार और आपसी भाईचारे की भावना मजबूत होती हैं । पंडित केशव गिरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि हमें जाति और धर्म के भेद से ऊपर उठकर धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। सनातन धर्म हमें मानवता, प्रेम, सेवा और परस्पर भाईचारे का संदेश देता है। धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से समाज में संस्कार, एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है।
पंडित ब्रजेश महाराज ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, भक्ति और साधना का पर्व है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में धार्मिक चेतना जागृत होती है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने समिति द्वारा 59 वर्षों से निरंतर किए जा रहे आयोजन की सराहना करते हुए सभी को नवरात्रि महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पंडित रामचरण शास्त्री, अनिल तिवारी,अनूप उर्मिल, भोला सोनी,पप्पू रावत, विशाल खटीक, नीरज यादव, आदेश दीक्षित, मनीष चौबे,बंटी राठौर, बेनी प्रसाद बेन,राजेश कारीकांत पदाधिकारी, सदस्य, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
