सागर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सागर दौरे के तुरंत बाद जिला प्रशासन सख्त एक्शन मोड में आ गया है। बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके परिपालन में प्रशासन ने बंडा में मुख्य आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया है।
राजस्व विभाग, पुलिस बल और नगर परिषद बंडा की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक जांच और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों द्वारा सरकारी भूमि (श्मशान, पहाड़-चट्टान मद) पर अतिक्रमण किया गया था।

मनीष उर्फ यशवंत (पिता: कोमल सिंह लोधी, निवासी: वार्ड-12 बण्डा) द्वारा श्मशान भूमि पर कब्ज़ा, शासकीय श्मशान मद की भूमि पर एक मंजिला पक्का निर्माण, जिसका उपयोग अवैध गोदाम के रूप में किया जा रहा था। इसके अलावा एक अन्य एक मंजिला पक्का निर्माण गैर-आवासीय भंडारण हेतु बनाया गया था।
इसी प्रकार पहाड़-चट्टान मद की भूमि पर भी अतिक्रमण पाया गया। क्षेत्र में खबरी डालकर अवैध कब्जा जमाया गया था। एक अन्य आरोपी चन्द्रभान सिंह उर्फ चंदू (पिता: द्वारका सिंह राजपूत, निवासी: ततरवारा, तह. शाहगढ़) का शासकीय भूमि पर एक मंजिला पक्का रिहायशी अवैध मकान निर्मित किया गया था।
इसी प्रकार आरोपी आशीष (पिता: रामप्रसाद साहू, निवासी: वार्ड-11 बण्डा) द्वारा अतिक्रमित एक पक्का मकान और गेट लगा आंगन पाया गयो जिसे ज़मीदोज़ किया गया।
प्रशासनिक जांच के अनुसार, आरोपी लंबे समय से श्मशान व सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर इन्हीं अवैध ठिकानों से शराब का कारोबार संचालित कर रहे थे। कार्रवाई से पूर्व प्रशासन ने 24 घंटे का नोटिस चस्पा किया था। स्पष्टीकरण न मिलने पर एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान बंडा एसडीएम संजय जैन , एसडीओपी रोहित लखेरा, तहसीलदार मोहित जैन सहित बड़ी संख्या में पुलिस, राजस्व नगर परिषद का अमला मौजूद रहा। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध शराब माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।
राजस्व विभाग, पुलिस बल और नगर परिषद बंडा की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक जांच और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों द्वारा सरकारी भूमि (श्मशान, पहाड़-चट्टान मद) पर अतिक्रमण किया गया था।

मनीष उर्फ यशवंत (पिता: कोमल सिंह लोधी, निवासी: वार्ड-12 बण्डा) द्वारा श्मशान भूमि पर कब्ज़ा, शासकीय श्मशान मद की भूमि पर एक मंजिला पक्का निर्माण, जिसका उपयोग अवैध गोदाम के रूप में किया जा रहा था। इसके अलावा एक अन्य एक मंजिला पक्का निर्माण गैर-आवासीय भंडारण हेतु बनाया गया था।
इसी प्रकार पहाड़-चट्टान मद की भूमि पर भी अतिक्रमण पाया गया। क्षेत्र में खबरी डालकर अवैध कब्जा जमाया गया था। एक अन्य आरोपी चन्द्रभान सिंह उर्फ चंदू (पिता: द्वारका सिंह राजपूत, निवासी: ततरवारा, तह. शाहगढ़) का शासकीय भूमि पर एक मंजिला पक्का रिहायशी अवैध मकान निर्मित किया गया था।
इसी प्रकार आरोपी आशीष (पिता: रामप्रसाद साहू, निवासी: वार्ड-11 बण्डा) द्वारा अतिक्रमित एक पक्का मकान और गेट लगा आंगन पाया गयो जिसे ज़मीदोज़ किया गया।
प्रशासनिक जांच के अनुसार, आरोपी लंबे समय से श्मशान व सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर इन्हीं अवैध ठिकानों से शराब का कारोबार संचालित कर रहे थे। कार्रवाई से पूर्व प्रशासन ने 24 घंटे का नोटिस चस्पा किया था। स्पष्टीकरण न मिलने पर एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान बंडा एसडीएम संजय जैन , एसडीओपी रोहित लखेरा, तहसीलदार मोहित जैन सहित बड़ी संख्या में पुलिस, राजस्व नगर परिषद का अमला मौजूद रहा। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध शराब माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।
