सागर। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं एकता समिति के संयुक्त तत्वावधान में भगवानगंज में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं फिजियोथेरेपी शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 112 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उनकी आवश्यकता के अनुसार फिजियोथेरेपी संबंधी परामर्श और उपचार सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ फिजियोथेरेपी के व्यापक महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रशीद भाई ने की। मुख्य अतिथि IMA सागर अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अरुण सराफ, डॉ. ओ.पी. जैन, डॉ. निखिल सैनी एवं डॉ. अपेक्षा तिवारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. तल्हा साद ने कहा कि फिजियोथेरेपी को सामान्यतः हड्डी, जोड़ों, कमर दर्द अथवा चोट के बाद होने वाले पुनर्वास से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में इसका उपयोग काफी व्यापक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों, गंभीर बीमारी से उबर रहे रोगियों तथा आईसीयू से उपचार के बाद घर लौटे मरीजों के पुनर्वास में भी फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अरुण सराफ ने बताया कि लंबे समय तक बीमारी अथवा अस्पताल में भर्ती रहने के कारण मरीजों में मांसपेशियों की कमजोरी, शारीरिक क्षमता में कमी, चलने-फिरने में कठिनाई और दैनिक गतिविधियों को करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे मरीजों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी और पुनर्वास कार्यक्रम शारीरिक कार्यक्षमता को दोबारा बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। श्वसन रोगों में भी उचित श्वसन व्यायाम एवं फिजियोथेरेपी मरीज की शारीरिक सहनशक्ति और दैनिक जीवन की क्षमता में सुधार लाने में मदद कर सकती है।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निखिल सैनी ने कहा कि फिजियोथेरेपी का उद्देश्य केवल दर्द कम करना नहीं, बल्कि मरीज को अधिक सक्रिय, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी है। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ अपेक्षा तिवारी ने लोगों से अपील की कि लंबे समय तक रहने वाले दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, चलने-फिरने में परेशानी अथवा गंभीर बीमारी के बाद उत्पन्न शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेकर व्यवस्थित पुनर्वास सेवाएं प्राप्त करें।
आईएमए अध्यक्ष डॉ तल्हा साद ने एकता समिति द्वारा लगातार किए जा रहे सामाजिक एवं स्वास्थ्य सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समिति सीमित सहयोग राशि में जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का सराहनीय कार्य कर रही है। ऐसे प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष सुधीर जैन सहित कमलचंद जैन, शरद गुप्ता, चंपक भाई जैन, राजेंद्र मलैया, प्रदीप समैया, शरदकांत सोनी, सुरेंद्र पंचरत्न, अरुण जैन, विनीत जैन, शिवकुमार अग्रवाल, प्रमोद पटेल, राजेंद्र सोनी, श्रीमती अनीता जैन, वर्षा जैन एवं फिजियोथेरेपी स्टाफ उपस्थित रहा। संचालन प्रदीप समैया ने किया तथा आभार सुधीर जैन एवं शरद गुप्ता ने व्यक्त किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रशीद भाई ने की। मुख्य अतिथि IMA सागर अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अरुण सराफ, डॉ. ओ.पी. जैन, डॉ. निखिल सैनी एवं डॉ. अपेक्षा तिवारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. तल्हा साद ने कहा कि फिजियोथेरेपी को सामान्यतः हड्डी, जोड़ों, कमर दर्द अथवा चोट के बाद होने वाले पुनर्वास से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में इसका उपयोग काफी व्यापक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों, गंभीर बीमारी से उबर रहे रोगियों तथा आईसीयू से उपचार के बाद घर लौटे मरीजों के पुनर्वास में भी फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अरुण सराफ ने बताया कि लंबे समय तक बीमारी अथवा अस्पताल में भर्ती रहने के कारण मरीजों में मांसपेशियों की कमजोरी, शारीरिक क्षमता में कमी, चलने-फिरने में कठिनाई और दैनिक गतिविधियों को करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे मरीजों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी और पुनर्वास कार्यक्रम शारीरिक कार्यक्षमता को दोबारा बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। श्वसन रोगों में भी उचित श्वसन व्यायाम एवं फिजियोथेरेपी मरीज की शारीरिक सहनशक्ति और दैनिक जीवन की क्षमता में सुधार लाने में मदद कर सकती है।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निखिल सैनी ने कहा कि फिजियोथेरेपी का उद्देश्य केवल दर्द कम करना नहीं, बल्कि मरीज को अधिक सक्रिय, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी है। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ अपेक्षा तिवारी ने लोगों से अपील की कि लंबे समय तक रहने वाले दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, चलने-फिरने में परेशानी अथवा गंभीर बीमारी के बाद उत्पन्न शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेकर व्यवस्थित पुनर्वास सेवाएं प्राप्त करें।
आईएमए अध्यक्ष डॉ तल्हा साद ने एकता समिति द्वारा लगातार किए जा रहे सामाजिक एवं स्वास्थ्य सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समिति सीमित सहयोग राशि में जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का सराहनीय कार्य कर रही है। ऐसे प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष सुधीर जैन सहित कमलचंद जैन, शरद गुप्ता, चंपक भाई जैन, राजेंद्र मलैया, प्रदीप समैया, शरदकांत सोनी, सुरेंद्र पंचरत्न, अरुण जैन, विनीत जैन, शिवकुमार अग्रवाल, प्रमोद पटेल, राजेंद्र सोनी, श्रीमती अनीता जैन, वर्षा जैन एवं फिजियोथेरेपी स्टाफ उपस्थित रहा। संचालन प्रदीप समैया ने किया तथा आभार सुधीर जैन एवं शरद गुप्ता ने व्यक्त किया।
